चीनी मिल द्वारा जैविक गन्ने खेती को बढ़ावा देने की अपील

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सीतापुर 30 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश सरकार सूबे में गन्ने की खेती में नवीन तकनीक और शोध को बढ़ावा देकर कम लागत में अधिक उत्पादन लेने की दिशा में काम कर रही है। सरकार ने इस काम में प्रदेश की चीनी मिलों को भी साथ लिया है। गन्ना किसानों को नवाचारों से अवगत कराने के लिए चीनी मिलों को कार्ययोजना में शामिल कर किसानों को जागरुक किया जा रहा है। इसी क्रम में सीतापुर की प्रसिद्ध डालमिया चीनी मिल में किसान जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। किसानों के लिए आयोजित इस गोष्ठी में आसपास के गन्ना किसानों को आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर गन्ना उपायुक्त सत्येन्द्र कुमार ने भी बतौैर मुख्य अतिथि भाग लिया और किसानों को जल संग्रहण के साथ कम लागत में अधिक मुनाफ़ा लेने के लिए ज़ीरो बजट फ़ार्मिंग अपनाने की सलाह दी। सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि किसान भाई गन्ने की उन्नत क़िस्मों का चयन करें और अपनी लागत घटायें। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए गन्ना उपायुक्त सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों के लिए कई तरह की योजनाएँ चला रही है लेकिन वो किसानों तक पहुँच नहीं रही। इसके लिए सरकारी तंत्र को किसानों के बीच जाकर काम करने की ज़रूरत है। सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि चीनी मिलों से गन्ना किसानों का सीधा संवाद रहता है इसलिए मिलों के माध्यम से इस किसान गोष्ठी का आयोजन हुआ है जो काफी सफल रही है। काफ़ी संख्या में किसान आए है। यहाँ इनसे स्थानीय भाषा में ही बात की जा रही है। सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि गन्ने की फसल के लिए पानी बहुत लगता है इसलिेए किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी पद्धति अपनानी चाहिए। किसानों को गन्ना की उन्नत किसानों को उगाना चाहिए।

इस अवसर पर गन्ना अनुसंधान संस्थान, शाहजहांपुर से आए विशेषज्ञ डॉ पीके कपिल ने कहा कि किसान भाई गन्ने की 0238 क़िस्म उगायें। ये काफ़ी उपयोगी क़िस्म है। किसान इसे अपनाएँ और आर्थिक लाभ कमाएँ। इस दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को गन्ने की उन्नत क़िस्म 0238 की नर्सरी लगाकर उन्नत खेती करने की सलाह दी। इस अवसर पर वैज्ञानिकों ने किसानों को गन्ने में लगने वाले लाल सड़न रोग के निदान के तरीक़े भी बताए।

इस अवसर पर डालमिया चीनी मिल के स्थानीय ईकाई प्रमुख टीएन सिंह ने किसानों को नवीन कृषि यंत्रों की जानकारी देते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। सिंह ने कहा कि जैविक खेती होगी तो बाज़ार में गन्ना भी जैविक आएगा। इसके हम दाम भी अधिक देंगे। इससे जैविक चीनी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

किसानों को संबोधित करते हुए डालमिया चीनी मिल के महा प्रबंधक आशीष बंसल ने किसानों को सर्दियों में गन्ना की ट्रेंच विधि अपनाने की सलाह दी। बंसल ने कहा कि किसान छोटी छोटी तकनीकें अपनाकर अपने खेत में इन्हें लागू तक सकते है। संगोष्ठी में चीनी मिलों ने खाद बीज, और गन्ने की खेती में उपयोग में आने वाले नवीन कृषि यन्त्रों की प्रदर्शनी भी लगायी थी जिसे देखने में गन्ना किसानों ने काफ़ी रुचि ली।

रामकोट के गन्ना किसान लीलाधर ने बताया कि पहली बार चीनी मिल में आयोजित इस तरह की प्रदर्शनी देखी है। इससे हमें काफ़ी कुछ सीखने और जानने को मिला।

इस मौक़े पर सीतापुर, के वरिष्ठ गन्ना विकास अधिकारी और जवाहर चीनी मिल के अधिकारियों ने किसानों और चीनी मिलों को एक दूसरे का पूरक बताते हुए तरह के कार्यक्रमों के लगातार आयोजन पर ज़ोर दिया और किसानों को सरकार की योजनाओं के बारे में जागरुक करने के लिहाज़ से काफ़ी उपयुक्त बताया।

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