राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में खांड़सारी एवं गुड़ उत्पादन की प्रक्रिया पर आगामी सत्र से चालू किये जायेंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम

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राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर मे खांड़सारी एवं गुड़ उत्पादन की प्रक्रिया पर आगामी सत्र से चालू किये जायेंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम। सचिव (खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण), भारत सरकार, के द्वारा गत ११ अक्टूबर २०२१ को संस्थान का दौरा किया गया था जिसमे उनके द्वारा संस्थान को अपनी गतिविधियों को और रोजगारपरक बनाने का निर्देश दिया गया था। संस्थान के निदेशक द्वारा यह सुझाव दिया गया था कि देश मे गन्ने के कुल उत्पादन का 15-20% यानी 500-700 लाख टन खांड़सारी एवं गुड़ उद्योग द्वारा प्रयोग मे लाया जाता है। अतः इन उद्योगों मे तकनीक को विकसित करने एवं प्रशिक्षित मानव शक्ति प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय शर्करा संस्थान भूमिका निभा सकता है। चूंकि वर्त्तमान मे पारम्परिक एवं सेहतमंद स्वीटनर की मांग बढ़ी है अतः यह सामयिक होगा की खांड़सारी एवं गुड़ की गुड़वत्ता बढ़ाने हेतु संस्थान तकनीक का विकास एवं तकनीक रूप से दक्ष मानव शक्ति प्रदान करने मे अपना योगदान दे। पिछले कुछ समय मे संस्थान द्वारा उन्नत क़िस्म के गुड़ एवं गुड़ पर आधारित खाद्य पदार्थ विकसित करने पर जोर रहा है एवं नयी प्रक्रियायों के पेटेंट के आवेदन भी दाखिल किये गए हैं।

संस्थान के इस प्रस्ताव पर सचिव (खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण), भारत सरकार ने औपचारिक स्वीकृति दे दी है। योजना के अनुसार संस्थान मे 1984 से बंद पारम्परिक खांड़सारी का आधुनिकीकरण कर पुनः चालू किया जायेगा। इस खांड़सारी इकाई मे स्वस्थ प्रक्रिया वातावरण मे बिना केमिकल से विभिन्न प्रकार के गुड़ यथा क्यूब गुड़, लिक्विड गुड़, गुड़ पाउडर, फ्लेवर युक्त गुड़ एवं fortified गुड़ बनाने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही संस्थान गुड़ पर आधारित बेकरी एवं कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट बनाने हेतु भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।

संस्थान के निदेशक श्री नरेंद्र मोहन ने बताया कि इस कार्य मे लगभग 2 करोड़ का व्यय आने की सम्भावना है जिसको आंशिक रूप से संस्थान के नियमित बजट से पूरा किया जायेगा एवं शेष हेतु केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त बजट आवंटन होगा।
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