पाकिस्तान : घरेलू कीमतों को स्थिर रखने के लिए एफबीआर ने चीनी आयात पर टैक्स रियायत बढ़ाई

इस्लामाबाद: घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) ने सफेद क्रिस्टलीय चीनी के आयात पर टैक्स रियायतों को आगे बढ़ा दिया है।एफबीआर ने वर्ष 2026 का SRO 527 जारी करते हुए आयातित चीनी पर बिक्री कर (सेल्स टैक्स) की दर 0.25 प्रतिशत बरकरार रखी है, जो सामान्य 18 प्रतिशत की दर से काफी कम है। इस अधिसूचना में वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) संरचना में भी संशोधन किया गया है, ताकि 28 फरवरी 2026 तक यह रियायती व्यवस्था जारी रह सके।

यह फैसला सरकार के उस पहले के कदम के अनुरूप है, जिसमें 5 मार्च 2026 को जारी SRO 455 के माध्यम से चीनी आयात पर आयकर में भी रियायत दी गई थी। इस निर्णय के तहत आयातकों को 0.25 प्रतिशत की कम दर पर आयकर चुकाने की अनुमति दी गई है। यह रियायत योजना पहली बार जुलाई 2025 में शुरू की गई थी। इसके बाद इसे कई बार बढ़ाया गया—पहले 30 सितंबर 2025 तक और फिर 30 नवंबर 2025 तक।

सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रण में रखने और पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए निर्धारित शर्तों के तहत 5 लाख टन तक चीनी के व्यावसायिक आयात की अनुमति भी दी है। कर रियायतों को बार-बार बढ़ाया जाना इस बात को दर्शाता है कि सरकार कीमतों को स्थिर रखने के लिए चीनी आयात पर निर्भर बनी हुई है। कम सेल्स टैक्स और आयकर दरों का उद्देश्य आयात लागत को घटाना और उपभोक्ताओं के लिए खुदरा कीमतों को किफायती बनाए रखना है।

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