इस्लामाबाद: पंजाब की चीनी मिलों ने मौजूदा पेराई सीजन के पहले 45 दिनों में 1.36 मिलियन मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन किया है। प्रांत की सभी 41 चालू मिलों ने 31 दिसंबर, 2025 तक कुल 15.06 मिलियन मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की। वेल्थ पाकिस्तान को पंजाब गन्ना आयुक्त के कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार, पेराई के शुरुआती 45 दिनों में औसत चीनी रिकवरी दर पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज 9.01% से बढ़कर 9.43% हो गई है। इस सुधार का श्रेय बेहतर गुणवत्ता वाले गन्ने और मिलों की बढ़ी हुई दक्षता को दिया जाता है।
प्रांत में कुल चीनी की उपलब्धता, जिसमें कैरीओवर स्टॉक भी शामिल है, वर्तमान में 1.47 मिलियन मीट्रिक टन है। इसमें से 625,341 टन पहले ही बेचा जा चुका है, जो कुल उपलब्धता का 42.41% है और पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 3.84 प्रतिशत अंकों का सुधार दर्शाता है। साल-दर-साल के आंकड़ों से पता चलता है कि, चीनी मिलों ने पिछले सीज़न की तुलना में अतिरिक्त 1.14 मिलियन मीट्रिक टन गन्ने की प्रोसेसिंग की और 156,590 मीट्रिक टन अधिक चीनी का उत्पादन किया।
पंजाब गन्ना आयुक्त अमजद हफीज ने ‘वेल्थ पाकिस्तान’ को बताया कि, बेहतर प्रदर्शन काफी हद तक संबंधित कानूनों और विनियमों के सख्त प्रवर्तन के कारण हुआ है। उन्होंने कहा, प्रभावी निगरानी और अनुपालन के कारण इस सीजन में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। आयुक्त ने कहा कि, किसानों ने अब तक 98.8 अरब रुपये का गन्ना सप्लाई किया है, जिसमें से 87 अरब रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जो 88% की भुगतान अनुपालन दर को दर्शाता है। किसानों को इस सीजन में प्रति 40 किलोग्राम गन्ने के लिए औसतन 401 रुपये मिले, जबकि पिछले साल यह 387 रुपये था।
चीनी मिल मालिकों का कहना है कि, पूरे प्रांत में पेराई सीजन सुचारू रूप से चल रहा है, जिससे स्थिर कीमतों पर पर्याप्त चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। पाकिस्तान शुगर मिल्स एसोसिएशन के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष जावेद कियानी ने कहा कि मौजूदा चरण मिलों के लिए बिक्री का चरम मौसम है और उम्मीद जताई कि गन्ना उत्पादकों और मिल मालिकों दोनों को फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि, पंजाब में एक्स-मिल चीनी की कीमत घटकर 139 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जबकि सिंध में यह 134 रुपये प्रति किलोग्राम है, और आने वाले दिनों में इसमें और गिरावट आ सकती है। शुगर डीलरों के अनुसार, अगर गन्ने की पेराई इसी रफ्तार से जारी रही, तो एक्स-मिल कीमत गिरकर लगभग 130 रुपये प्रति किलोग्राम या उससे थोड़ी ज्यादा हो सकती है। लाहौर शुगर डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुहम्मद अमजद ने कहा कि अगर बाजार की स्थिति स्थिर रहती है, तो रिटेल कीमतें 150 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ सकती हैं।

















