लाहौर: खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण सचिव डॉ. किरण खुर्शीद ने कहा कि, पंजाब में चल रहे पेराई सीजन के दौरान अब तक 18.647 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा गन्ने की पेराई के बाद 1.712 मिलियन मीट्रिक टन से ज़्यादा चीनी का उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि, पंजाब सरकार द्वारा अपनाए गए सख्त नीतिगत उपायों से 15 नवंबर से पेराई जल्दी शुरू हुई, जिसने रिकॉर्ड उत्पादन के आंकड़े हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। जो चीनी मिलें तय समय पर पेराई शुरू करने में नाकाम रहीं, उन पर हर दिन 5 मिलियन रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सचिव के अनुसार, जल्दी पेराई के कारण गन्ने की रिकॉर्ड प्रोसेसिंग हुई, जिससे मौजूदा सीजन में चीनी का उत्पादन ज्यादा हुआ। नए उत्पादन के अलावा, सीजन की शुरुआत में 112,116 मीट्रिक टन चीनी का कैरी-फॉरवर्ड स्टॉक पहले से ही उपलब्ध था। डॉ. खुर्शीद ने कहा कि, पंजाब में कुल चीनी की उपलब्धता 1.824 मिलियन मीट्रिक टन थी, जिसमें से 790,638 मीट्रिक टन बाजार में जारी की जा चुकी है, जबकि 1.033 मिलियन मीट्रिक टन रिजर्व में है।
किसानों के भुगतान पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि, चीनी मिलों ने इस सीजन में किसानों को 165 अरब रुपये से ज़्यादा का रिकॉर्ड भुगतान किया है, जो कुल बकाया का 99.84 प्रतिशत है, जबकि पिछले सीज़न में यह 85 प्रतिशत था। उन्होंने आगे कहा कि, इस साल गन्ना 436 रुपये प्रति 40 किलोग्राम पर खरीदा गया, जबकि पिछले साल यह 387 रुपये प्रति 40 किलोग्राम था, जो पंजाब सरकार की किसान-हितैषी नीति को दिखाता है।

















