छपरा:सारण जिले का मढ़ौरा में चीनी मिल फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है, जिसके चलते किसानों को राहत मिलने की संभावना है। ETV से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा की, चीनी मिल के बारे में सरकार ने निर्णय लिया है, हम 25 नये चीनी मिल को खोलेंगे। मढ़ौरा चीनी मिल को एक साल में पूरी प्रक्रिया करके वापस से खोलेंगे।
मढ़ौरा का औद्योगिक इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा है। 1904 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित कानपुर शुगर वर्क्स लिमिटेड (कॉनपोर शुगर मिल) बिहार की पहली चीनी मिल थी, जो गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए स्थापित की गई थी। 1990 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती सालों में श्रम विवाद, सरकारी नीतियों की कमी और प्रबंधन संबंधी समस्याओं के कारण ये इकाइयां बंद होने लगीं।
कानपुर शुगर मिल 1997 में बंद हुई, जिसके बाद यह खंडहर में बदल गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी 1 साल के अंदर मढ़ौरा चीनी मिल सहित अन्य मिलों को फिर से स्थापित करने की बात कही है।नवंबर 2025 में NDA सरकार ने 9 बंद मिलों को पुनर्जीवित करने की योजना मंजूर की, जिसमें मढ़ौरा शामिल है।उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक साल के अंदर कार्रवाई के वादे से स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है।

















