सुवा : शुगर केन ग्रोअर्स काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव विमल दत्त ने कहा कि, सभी गन्ना किसान नेशनल प्रोडक्शन में योगदान देते हैं और उन्हें सपोर्ट मिलता रहना चाहिए। दत्त निवर्तमान शुगर इंडस्ट्री मिनिस्टर चरण जीत सिंह की टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे, जिन्होंने कहा था कि सरकारी मदद ज्यादा प्रोडक्शन करने वाले किसानों पर फोकस होनी चाहिए।
दत्त ने कहा कि कम प्रोडक्शन करने वाले कई किसानों को ऐसे चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जो उनके कंट्रोल से बाहर हैं। उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि वह एडमिनिस्ट्रेटिव और बिजनेस नजरिए से क्या कह रहे हैं, लेकिन हमें उन किसानों पर भी विचार करना चाहिए जो खेती के लिए कम जमीन, लीज रिन्यूअल और कटाई की बढ़ती लागत जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, अभी देश भर की मिलों को लगभग 10,200 किसान गन्ना सप्लाई करते हैं। वे सभी नेशनल गन्ना प्रोडक्शन में योगदान दे रहे हैं। कुछ लोग दूसरों की तुलना में कम प्रोडक्शन कर रहे होंगे, लेकिन इसका एक कारण है।फिजी शुगर कॉर्पोरेशन के पूर्व बोर्ड मेंबर अरविंद सिंह ने भी चेतावनी दी कि, अगर और ज्यादा सपोर्ट नहीं दिया गया तो गन्ने का प्रोडक्शन कम होता रहेगा।
उन्होंने कहा कि, किसान पहले से ही कम गन्ने के पेमेंट की उम्मीद कर रहे थे और मजदूरों की कमी, ट्रांसपोर्ट की समस्याओं, खराब मौसम और खत्म हो रही लीज़ से जूझ रहे थे। सिंह ने कहा, मुझे लगता है कि जब हमारे सामने इतनी सारी समस्याएं हैं तो किसान को दोष देना गलत है।

















