शाहजहांपुर : गन्ना उत्पादन को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और वैज्ञानिक बनाने के लिए गन्ना शोध परिषद ने प्रदेशव्यापी प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत कर दी है। इस पहल के तहत प्रदेश के करीब 5000 किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया गया है, ताकि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी सुधार हो सके।
हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर के अनुसार, इस प्रशिक्षण अभियान के पहले चरण में शाहजहांपुर और हरदोई जनपद के 100 प्रगतिशील गन्ना किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को गन्ने की नवीन और उन्नत प्रजातियों, मृदा परीक्षण के महत्व, संतुलित खाद एवं उर्वरक प्रबंधन, उन्नत शस्य तकनीक, बसंत कालीन गन्ने के साथ अंतः फसली खेती और सिंगल बेड तकनीक की जानकारी दी गई। साथ ही गन्ने की प्रमुख बीमारियों और कीटों की पहचान तथा उनके प्रभावी नियंत्रण उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उद्घाटन अवसर पर जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्र ने कहा कि, गन्ना खेती में पारंपरिक तरीकों के बजाय वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि, प्रशिक्षण में दी गई जानकारी को अपनी खेती में लागू करें, जिससे लागत कम हो और उत्पादकता बढ़े। प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव पाठक ने कहा कि, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से प्रदेश के अन्य गन्ना उत्पादक जिलों में भी आयोजित किया जाएगा।

















