लाहौर: प्रांत की चीनी मिलों ने चालू पेराई सीजन 2025-26 के दौरान अब तक 24.89 मिलियन मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की है, जिससे 2.329 मिलियन मीट्रिक टन रिफाइंड चीनी का उत्पादन हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में 266,000 मीट्रिक टन ज़्यादा है। खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण सचिव, डॉ. किरण खुर्शीद ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा समय पर उठाए गए कदमों के कारण, प्रांत भर की 41 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि, उत्पादन में यह बढ़ोतरी पंजाब सरकार की प्रभावी नीतियों के कारण हुई है।
बिजनेस रिकॉर्डर में प्रकाशित खबर के मुताबिक, डॉ. किरण खुर्शीद ने आगे कहा कि, प्रांतीय सरकार की किसान-हितैषी नीति के तहत, अब तक गन्ना किसानों को 229.46 बिलियन रुपये से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल भुगतान का 92.57 प्रतिशत है। इसकी तुलना में, पिछले सीजन में केवल 87.81 प्रतिशत भुगतान किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि, पंजाब में चीनी की मौजूदा एक्स-मिल कीमत 138 रुपये से 148 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है, जबकि बाजार में चीनी 145 रुपये से 160 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
खुर्शीद ने कहा कि, पंजाब सरकार आधिकारिक तौर पर तय कीमतों पर चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। जमाखोरों और मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्रवाई जारी है, जिसके तहत 501 व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, और अवैध मुनाफाखोरी के आरोप में 4,029 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार गन्ना किसानों को 100 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर रही है, ताकि किसानों को उनका बकाया समय पर मिल सके और वे वित्तीय स्थिरता हासिल कर सकें।

















