बरेली (उत्तर प्रदेश) : बहादुरगंज चीनी मिल द्वारा अभी तक पर्चियां जारी नहीं की गई हैं। बिना ट्रायल किए 32 गांवों को इसके खरीद केंद्र से जोड़े जाने पर किसान काफी चिंतित हैं। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के अनुसार, गन्ना कटाई में हो रही देरी से परेशान किसान बहादुरगंज चीनी मिल को अन्य मिलों के खरीद केंद्र से जोड़े जाने की मांग कर रहें हैं।
खबर के अनुसार, किसानों का कहना है कि त्रिवटी नाथ शुगर मिल बहादुरगंज ने नवंबर माह में अपना प्रथम पेराई सत्र उद्घाटन के साथ शुरू किया। प्रथम पेराई सत्र के एक सप्ताह चलने के बाद ही मिल के टरबाइन के ट्यूब में कमी आ गई थी। इससे चीनी मिल बंद हो गई। किसानों की मांग पर तब इन सभी खरीद केंद्रों को निगोही और पीलीभीत की चीनी मिलों को दे दिया गया था, लेकिन अब फिर दोबारा से इसी चीनी मिल में इन सभी गांव के खरीद केंद्रों को जोड़ दिया गया है। इसको लेकर किसान विरोध कर रहे हैं।
त्रिवटी नाथ शुगर मिल के जीएम सुरेंद्र पांडेय ने कहा, चीनी मिल एकदम सुचारू रूप से चालू है। भारत सरकार की टीम जाकर निरीक्षण कर चुकी है। किसान अपना गन्ना लेकर आए। अपने वादे के मुताबिक, जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा। गन्ना समिति सचिव राजीव सेठ ने कहा की, बहादुरगंज चीनी मिल को तीन खरीद केंद्र बहेड़ी और तीन पीलीभीत चीनी मिल के आवंटित हुए हैं। चीनी मिल का निरीक्षण करने के बाद ही पर्ची जारी होगी। किसानों को किसी भी हालत में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

















