बालोद : मां सियादेवी सहकारी चीनी मिल के लिए जिला प्रशासन ने प्रदेश का पहला शुगरकेन हार्वेस्टर खरीदा। लंबे समय से घाटे और कम उत्पादन की मार झेल रहे इस चीनी मिल का पुनरुत्थान करने के लिए जिला प्रशासन हर मुमकिन कोशिशों में जुटा है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर में कहा गया है की, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के बजट से आई इस मशीन के जरिए किसानों की कटाई लागत को कम करने और मिल तक गन्ने की आपूर्ति तेज करने का लक्ष्य रखा गया है।
गन्ना किसानों को कटाई के दौरान मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मिल प्रबंधन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से यह अत्याधुनिक मशीन मंगवाई है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार, इस मशीन का किराया मजदूरों की मजदूरी दर से भी कम रखा जाएगा। आवेदन के आधार पर मशीन सीधे किसान के खेत तक पहुंचेगी और गन्ने की कटाई कर उसे ट्रैक्टरों में लोड करेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि किसानों का मुनाफा भी बढ़ेगा।

















