पटना : विधानसभा चुनाव में किये गए वादे के मुताबिक सत्ता में आने के बाद जेडीयू – भाजपा महागठबंधन ने राज्य में बंद चीनी मिलों को चालू करने के लिए प्रयास तेज कर दिए है। चीनी मिलों को पूरी क्षमता के साथ चलाने के लिए अब गन्ना की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार नई चीनी मिल लगाने से पहले गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जिन इलाकों में गन्ना की खेती नहीं होती है, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना की खेती करने के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के अनुसार, राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में गन्ने की खेती नहीं है, उसे बढ़ाया जाए। गन्ना की खेती करने के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि वह गन्ना की खेती करने के लिए जागरूक हो सकें। उन्होंने कहा कि, गन्ना किसानों के बकाये मूल्य का 15 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी गन्ना किसानों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने ईख मूल्य भुगतान, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यांत्रिकरण योजना, गुड़ प्रोत्साहन योजना, चीनी मिलों की समस्या, नई चीनी मिलों की स्थापना और अन्य योजनाओं की समीक्षा की।

















