बिहार : एथेनॉल टेंडर की आवंटन घटने से अधर में अटका नावानगर एथेनॉल प्लांट का भविष्य

बक्सर : एथेनॉल टेंडर की आवंटन में 50 प्रतिशत घटने से डुमरांव प्लांट का भविष्य अधर में अटका है। इस प्लांट के चलते 700 लोगों को रोजगार के अवसर निर्माण हुए थे। इलाके का विकास तेजी से हो रहा था, लेकिन अब आवंटन जादा न होने से प्लांट बंद पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ‘भास्कर’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए जारी वार्षिक एथेनॉल टेंडर में आवंटन को 50 प्रतिशत तक घटा दिए जाने के बाद यह प्लांट बंदी के कगार पर पहुंच गया है।

खबर के अनुसार, भारत प्लस एथेनॉल प्लांट के सीएमडी अजय कुमार सिंह ने इस फैसले को लेकर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा है कि, सरकार की इस नीति ने न केवल उद्योग को, बल्कि यहां कार्यरत मजदूरों और उनके परिवारों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उनका कहना है कि जब सरकार की योजनाओं और नीतियों पर भरोसा कर करोड़ों का निवेश किया गया, तो अचानक नियम बदल देना उद्योग जगत के लिए घातक संदेश है। इस कटौती के चलते 24 जनवरी से उत्पादन रोककर प्लांट को बंद करना पड़ा, जिससे हालात और गंभीर हो गए। मजदूरों के आग्रह के कुछ दिनों बाद प्रबंधन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए प्लांट को दोबारा चालू करने का फैसला लिया।

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