सुल्तानपुर : आख़िरकार उचित गन्ना मूल्य की मांग को लेकर किसानों का चल रहा आंदोलन खत्म हुआ। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के अनुसार, अब किसानों से सरकारी दर 400 रुपये प्रति क्विंटल पर ही गन्ना खरीद होगी और गन्ने की तौल सहकारी चीनी मिल में ही होगी। भाड़ा खर्च के नाम पर किसानों से कटौती नहीं की जाएगी। साथ ही करीब 3.68 करोड़ रुपये का भुगतान करने का फैसला लिया गया। बृहस्पतिवार सुबह से गन्ने की तौल शुरू कर दी गई, जो रात नौ बजे तक चली।
आपको बता दे की, किसान सहकारी चीनी मिल में मंगलवार शाम छह बजे से किसानों का आंदोलन शुरू हुआ था।जॉइंट केन कमिश्नर डॉ. आरसी पाठक, जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव, सहकारी चीनी मिल की जीएम अंजली गंगवार, महाप्रबंधक गन्ना हैदरगढ़ धर्मेश मल्होत्रा, रीजनल हेड एसएन पांडेय, संचालक मंडल के उपसभापति प्रतिनिधि उमेश प्रताप सिंह और किसानों के बीच लंबी बैठक चली। गन्ने के मूल्य और अन्य मांगों को लेकर चर्चा हुई। बैठक बेनतीजा होते देख सहकारी चीनी मिल की जीएम अंजली गंगवार ने प्रबंध निदेशक लखनऊ ईशा दुहान को मामले से अवगत कराया। प्रबंध निदेशक की दखल के बाद किसानों के गन्ने की खरीद के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल दाम तय किया गया। यही नहीं, चीनी मिल से जुड़े किसानों ने जितनी प्रजाति के गन्ने की बुआई की है, सभी का दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल बेचे जाने पर सहमति बनी।

















