मेक्सिको सिटी : कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय (SADER) गन्ना किसानों को वेल-बीइंग प्रोग्राम में शामिल करने का प्रोसेस शुरू करेगा। यह कदम देश में चीनी आयात से बढ़े वित्तीय तनाव के एक साल बाद आया है। चीनी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार,चीनी आयात ने स्थानीय गन्ना किसानों और उद्योग की आय पर दबाव डाला है। वेल-बीइंग प्रोग्राम गन्ना सेक्टर की मॉडर्नाइज़ेशन स्ट्रैटेजी का हिस्सा हैं, जो ज़्यादा मशीनीकरण, पानी का ज़्यादा कुशल इस्तेमाल और ज़्यादा प्रोडक्टिविटी पर फोकस करती है। SADER गन्ना उगाने वालों को वेलफेयर प्रोग्राम में शामिल करने को बढ़ावा दे रहा है, ताकि उनकी उत्पादकता बढ़ सके।सरकार का मकसद मेक्सिको के गन्ना किसानों को आर्थिक रूप से मज़बूत करना है।
नेशनल चैंबर ऑफ़ द शुगर एंड अल्कोहल इंडस्ट्री (CNIAA) की एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट, क्लाउडिया फर्नांडीज ने बताया कि, जनवरी और अक्टूबर 2025 के बीच, तथाकथित टेक्निकल स्मगलिंग (कानूनी कमियों का फायदा उठाकर) के ज़रिए 350,000 टन से ज़्यादा चीनी देश में आई, जिससे कीमतों में भारी गिरावट आई। फर्नांडीज ने बताया कि चीनी स्मगलिंग से सेक्टर को MX$25 बिलियन का नुकसान हुआ है, जबकि अकेले गन्ना किसानों की इनकम MX$15 बिलियन कम हो गई है।उन्होंने कहा कि, चीनी उद्योग 500,000 नौकरियां पैदा करता है, पूरे मेक्सिको में 2.4 मिलियन से ज़्यादा लोगों को फायदा पहुंचाता है, और इसमें 15 राज्यों में चल रही 46 से ज़्यादा चीनी मिलें शामिल हैं। फर्नांडीज ने बताया, हाल के सालों में सीधी और टेक्निकल स्मगलिंग दोनों में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है।













