पुणे: इंदापुर डिस्ट्रिक्ट और एडिशनल सेशंस कोर्ट ने सोमवार (16) को पुणे जिले के इंदापुर में 2012 में हुए गन्ना आंदोलन में शामिल स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के अध्यक्ष, पूर्व सांसद राजू शेट्टी समेत 21 अन्य लोगों को बरी कर दिया। इसमें राजू शेट्टी, सतीश काकड़े, सदाभाऊ खोत, नीलेश देवकर समेत 21 प्रदर्शनकारियों को बरी किया गया है।आपको बता दे की, इंदापुर में 2012 में हुए गन्ना आंदोलन में कुल 8 केस दर्ज किए गए थे। इनमें से तीन केस में आरोपियों को 19 दिसंबर, 2025 को बरी कर दिया गया था, जबकि बाकी 5 केस में ट्रायल चल रहा था। इनमें से 3 में 21 लोग बरी हो चुके हैं, और दो केस का फैसला अभी पेंडिंग है।
गन्ने की पहली क़िस्त प्रति टन 2700 रुपये देने की मांग को लेकर 2012 में गन्ना आंदोलन किया गया था।2012 में राज्य के किसी भी चीनी मिल ने गन्ने की पहली क़िस्त की घोषणा नहीं की थी। उस समय, राजू शेट्टी और सदाभाऊ खोत के नेतृत्व में कर्मयोगी शुगर फैक्ट्री में धरना दिया गया था, जिसमें राज्य के तत्कालीन सहकारिता मंत्री हर्षवर्धन पाटिल से पद की जिम्मेदारी स्वीकार करने और समाधान निकालने की मांग की गई थी। इस अवसर पर पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क जाम किए जाने के बाद विरोध की तीव्रता बढ़ गई। राज्य भर में विरोध करने वाले हजारों प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज किया गया।


















