कोल्हापुर : किसानों और ट्रेडर्स ने रॉयटर्स को बताया कि, भारत में शुरू में लगाए गए अनुमान से चीनी उत्पादन कम हो सकता है, क्योंकि महाराष्ट्र के साथ साथ उत्तर प्रदेश, कर्नाटक राज्यों में ज़्यादा बारिश की वजह से गन्ने की पैदावार कम हुई।जिसका सीधा असर चीनी उत्पादन पर देखने को मिल रहा है। कुछ व्यापारियों के अनुसार, वैश्विक बाजार में कीमतों में गिरावट के चलते भारत को अपने तय एक्सपोर्ट कोटे का आधा भी भेजने में मुश्किल हो सकती है।
चीनी उत्पादन में कमी और अगले महीने से गर्मियों की सीज़नल डिमांड में उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी से कीमतों को सपोर्ट मिलने की संभावना है। भारत ने शुक्रवार को पहले मंज़ूर 1.5 मिलियन टन के अलावा 500,000 टन और चीनी एक्सपोर्ट करने की इजाज़त दी, जिससे इस साल का कुल एक्सपोर्ट कोटा 2 मिलियन टन हो गया।
मुंबई की MEIR कमोडिटीज़ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर राहिल शेख ने ‘रॉयटर्स’ से कहा की, गन्ने की पैदावार सभी मुख्य उत्पादक राज्यों में कम हुई है। महाराष्ट्र और कर्नाटक से लेकर उत्तर प्रदेश और गुजरात तक, और इससे इस सीज़न के प्रोडक्शन का अनुमान कम हो रहा है। शेख ने कहा, घरेलू बाज़ार में मिलों को ज़्यादा कीमतें मिल रही हैं, इसलिए उनके पास एक्सपोर्ट करने का कोई खास इंसेंटिव नहीं है। भारतीय शिपमेंट के 700,000 टन से ज़्यादा होने की उम्मीद नहीं है।


















