समस्तीपुर : बिहार में गन्ना किसानों को विकास के नए नए अवसर खुलते नजर आ रहे है। बिहार सरकार द्वारा राज्य में बंद नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा चीनी उद्योग के साथ साथ गुड उद्योग को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र को गुड़ की मिठास के लिए ‘सेंटर आफ एक्सीलेंस’ बनाया गया है।
जागरण में प्रकाशित खबर में कहा गया है की, बिहार में उच्च गुणवत्ता वाले गुड़ का उत्पाद सुनिश्चित करने के लिए गन्ना अनुसंधान संस्थान, पूसा को केंद्र सरकार ने पांच करोड़, 69 लाख, 65 हजार रुपये की मंजूरी दी है। पहले साल के लिए केंद्र सरकार ने एक करोड़, 31 लाख की राशि भी जारी कर दी है।इससे केंद्र पर विश्वस्तरीय अनुसंधान की व्यवस्था होगी। देश-विदेश के विज्ञानी यहां प्रशिक्षण लेने आएंगे। केंद्र के निदेशक डा. देवेंद्र सिंह के अनुसार, संस्थान को गुड़ उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक मशीन व तकनीक से गुणवत्ता युक्त गुड़ एवं उससे जुड़े उत्पाद तैयार किए जाएंगे।गुड़ आधारित लघु उद्योगों के लिए प्रशिक्षण देकर उद्यमियों को बाजार में बेहतर मूल्य दिलाने का प्रयास किया जाएगा।


















