कोल्हापुर (महाराष्ट्र) : डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर अमोल येडगे ने कहा, कोल्हापुर जिले की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए एंटरप्रेन्योर्स और इंडस्ट्रियल एसोसिएशन्स को ज्योग्राफिकली पहचान वाले (GI) प्रोडक्ट्स, खासकर कोल्हापुरी गुड़, चप्पल और चांदी इंडस्ट्री की क्वालिटी को बेहतर बनाने और उनकी बिक्री और एक्सपोर्ट बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि. चंदगढ़, शाहूवाड़ी और गगनबावड़ा जैसे दूरदराज के इलाकों में नाचनी और शकरकंद जैसे लोकल प्रोडक्ट्स के लिए प्रोसेसिंग इंडस्ट्री बनाने और उन्हें एक्सपोर्ट-फ्रेंडली बनाने के लिए खास कदम उठाए जाने चाहिए। वह डिस्ट्रिक्ट उद्योग केंद्र द्वारा गवर्नमेंट रेस्ट हाउस में आयोजित ‘महानिर्यात इग्नाइट कन्वेंशन 2026’ वर्कशॉप में बोल रहे थे।
इस अवसर पर उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक संदीप रोकड़े, भारतीय डाक सेवा के वरिष्ठ अधीक्षक वैभव वाघमारे, एमआईडीसी के क्षेत्रीय अधिकारी उमेश देशमुख, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक मंगेश पवार, आईडीबीआई कैपिटल के मुकुंद तिवारी, डीजीएफटी सलाहकार अक्षय कोकणे, ‘कोल्हापुर फर्स्ट’ के सुरेंद्र जैन, आईटी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रताप पाटिल, कमलकांत कुलकर्णी, जयदीप चौगुले, आई. ए. पाटिल, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अजयकुमार पाटिल, प्रबंधक विकास कुलकर्णी और बालाजी बिराजदार उपस्थित थे।


















