लखनऊ : प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। उन्हें गन्ना बोआई के लिए सात नए विकल्प मिल गए है।पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में उगने वाली गन्ने की सात प्रजातियों को उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। इन प्रजातियों को चीनी मिलें अस्वीकृत बताकर खरीदने से मना नहीं कर सकेंगी। हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर के अनुसार, इन प्रजातियों को लेकर अखिल भारतीय समन्वित गन्ना अनुसंधान परियोजना समन्वयक डॉ. दिनेश सिंह ने आदेश जारी किया है। जिसमें बताया है कि यह गन्ना प्रजातियां स्वीकृत हैं।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से गन्ना का बीज लाकर कई जिलों में कुछ किसानों ने को-17018, को-पीबी 17215, को-एस 16233, 17231, को-18022, को-पीबी 18213, को-पी 16437 प्रजातियां उगाई। कई जिलों में इन प्रजातियों को यूपी की न होकर बताकर चीनी मिलों ने लेने से मना कर दिया। इससे किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि यह गन्ना प्रजातियां स्वीकृत श्रेणी में हैं। जबकि कई मिलें खरीदने से मना कर रही हैं। किसानों के विरोध को देखते हुए अखिल भारतीय समन्वित गन्ना अनुसंधान परियोजना समन्वयक डॉ. दिनेश सिंह ने आदेश जारी किया है और इन प्रजातियों को स्वीकृत बताया है।


















