बदायूं : हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर के अनुसार, यदु शुगर मिल बंद होने के बाद गन्ने की अवैध खरीद-फरोख्त के आरोप में पुलिस ने वीनस चीनी मिल के मालिक और अध्यासी सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि किसानों से कम कीमत पर गन्ना खरीदकर बाहरी मिलों को अधिक दाम पर बेचा जा रहा था, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ।
आरोप है कि, किसानों से कम दर पर गन्ना खरीदकर बाहरी चीनी मिलों को अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा था, जिससे अधिकृत मिलों और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था। सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव कुमार सिंह ने सिविल लाइंस कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि यदु शुगर मिल सुजानपुर, बिसौली बंद होने के बाद गन्ना आयुक्त के आदेश से क्षेत्र के किसानों का पेराई योग्य गन्ना बाहरी जिलों की चीनी मिलों को आवंटित किया गया था।
खबर में आगे कहा है की, 25 फरवरी की शाम क्षेत्र भ्रमण के दौरान सिविल लाइंस कोतवाली के सिलहरी गांव के पास मोहन पुत्र मथुरा लाल निवासी अन्नी व जितेंद्र सिंह पुत्र रामभरोसे सिंह निवासी सिलहरी किसानों से कम दर पर गन्ना खरीदकर भरवाते पाए गए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वीनस चीनी मिल मझावली संभल के मिल मालिक व अध्यासी उनके गन्ने को खरीदकर नकद भुगतान करते हैं और इसी के लिए गन्ना एकत्र किया जा रहा था।
राजीव कुमार सिंह ने बताया कि, गन्ना से भरे ट्रालों को पकड़कर क्रय केंद्र कुनार पर खड़ा कराया गया, लेकिन रात में गन्ना माफिया ट्राले वहां से ले गए। आरोप है कि आवंटन आदेश के विपरीत गन्ना वीनस चीनी मिल मझावली संभल सहित अन्यत्र अधिक दर पर बेचा जा रहा है, जिससे गन्ना समिति और सरकार के राजस्व की क्षति हो रही है। इस संबंध में मोहन, जितेंद्र सिंह, वीनस चीनी मिल मझावली के अध्यासी अनुपम सिंह और मिल मालिक अतुल कुमार के विरुद्ध धोखाधड़ी और अवैध गन्ना खरीद में संलिप्त होने की बात कही गई है। जिसके के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।


















