राज्य की सभी चीनी मिलों में सरकारी तौल कांटे लगाए और उन्हें ऑनलाइन किया जाए : पूर्व सांसद राजू शेट्टी की मांग

कोल्हापुर (महाराष्ट्र): स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के संस्थापक और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने आरोप लगाया की, राज्य की ज़्यादातर चीनी मिलों में घटतौली और चीनी रिकवरी कम दिखाकर गन्ना किसानों को लूटा जा रहा है। मौजूदा पेराई सीज़न में कुल पेराई किए गए गन्ने का औसत वज़न 10 से 15 प्रतिशत कम हो गया है। गन्ने की घटतौली बढ़ने के साथ-साथ रिकवरी की चोरी के कारण गन्ना किसान, ट्रांसपोर्टर और गन्ना कटाई करने वाले मज़दूर दोहरी मुश्किल में हैं। पूर्व सांसद शेट्टी ने मांग की है कि, राज्य की सभी चीनी मिलों में सरकारी तौल कांटे लगाए जाएं और उन्हें ऑनलाइन किया जाए। उन्होंने वैधमापन विभाग के नियंत्रक चंद्रकांत डांगे को एक ज्ञापन देकर मांग की है कि, राज्य के चीनी कमिश्नर द्वारा जारी आदेश को अगले पेराई सीज़न से लागू किया जाए।

चीनी कमिश्नर के आदेश के अनुसार, राज्य की हर चीनी मिल में अलग से राज्य सरकार के तौल कांटे लगाए जाएंगे। इन तौल कांटों को डिजिटल और ऑनलाइन सिस्टम के ज़रिए सरकार के मेन सर्वर से जोड़ने का काम किया जाएगा। इस बारे में राजू शेट्टी ने एक बयान में कहा है कि, राज्य की सभी चीनी मिलों के बाहर संबंधित जिले के जिला कलेक्टर, चीनी के जॉइंट डायरेक्टर, एक्साइज डिपार्टमेंट के सुपरिटेंडेंट, वैधमापन कंट्रोलर के कंट्रोल में तौल कांटे बनाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार को तौल कांटे बनाने की पहल करनी चाहिए। अगर सरकार के पास पैसे नहीं हैं, तो संबंधित मिलों के पेराई किए गए गन्ने से प्रति टन कुछ रकम तौल कांटो के लिए लेने का प्रावधान किया जाना चाहिए।

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