मुंबई (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र का चीनी उद्योग गंभीर फाइनेंशियल संकट से गुज़र रहा है, और FRP बकाया और चीनी उत्पादन लागत बढ़ने से हालात और खराब हो गए हैं। मौजूदा पेराई सीजन का गन्ना किसानों का करीब 4,600 करोड़ रुपये का बकाया है, और यह रकम अब लगभग 5,000 करोड़ रुपये को पार कर गई है। चीनी उद्योग की समस्याओं को लेकर राज्य विधानसभा में सवाल उठाएं जा रहे हैं। इसके साथ ही, शुगर इंडस्ट्री के एक्सपर्ट,चीनी मिलर्स, चीनी उद्योग से जुड़े संगठन अलग-अलग तरीकों से केंद्र और राज्य सरकार से संपर्क कर रहे हैं। इस सिलसिले में, प्रदेश के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल की अध्यक्षता में 4 मार्च को मुंबई में एक अहम बैठक होनेवाली है।
चीनी MSP और एथेनॉल खरीद कीमत बढ़ाने की मांग…
शुगर इंडस्ट्री चीनी के MSP में 41 रुपये प्रति kg की बढ़ोतरी और एथेनॉल खरीद कीमत में बढ़ोतरी की मांग कर रही है। इस बारे में, नेशनल कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ फेडरेशन के प्रेसिडेंट हर्षवर्धन पाटिल ने भी मांग की है कि, सरकार को शुगर इंडस्ट्री को राहत देने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इस बारे में, बुधवार (4 तारीख) को मुंबई में सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल की अध्यक्षता में एक ज़रूरी बैठक रखी गई है। इस मीटिंग में शुगर इंडस्ट्री से जुड़े अलग-अलग डिपार्टमेंट के मंत्री, अधिकारी मौजूद रहेंगे।पाटिल ने बताया कि, इस बैठक में चीनी उद्योग को राहत देने वाले फैसले लिए जाने की उम्मीद है।
‘विस्मा’ ने राजस्थान के गवर्नर के ज़रिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह को भेजा ज्ञापन…
राजस्थान के गवर्नर हरिभाऊ बागड़े ने एक ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से चीनी का MSP और एथेनॉल खरीद मूल्य बढ़ाने की रिक्वेस्ट की है। मंत्री शाह को दिए एक ज्ञापन में बागड़े ने लिखा, “वेस्ट इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (WISMA) के पदाधिकारी 16 फरवरी, 2026 को मुझसे मिले थे। इस मीटिंग में देश के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट में शुगर इंडस्ट्री के योगदान और किसानों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वेस्ट इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बी.बी. ठोंबरे ने मीटिंग में लिए गए फैसलों के मद्देनजर मुझे एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें इसे भारत सरकार को भेजने का अनुरोध किया गया है। इसी के अनुसार बागड़े ने कहा कि, मैं आपको एक ज्ञापन दे रहा हूं।
फैक्ट्रियों को स्पेशल आर्थिक पैकेज दिया जाए : विधायक सतेज पाटिल
कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल ने कहा, महाराष्ट्र के प्रगति में चीनी उद्योग ने काफी अहम भूमिका निभाई है।चीनी उद्योग ने किसानों के जीवन में आर्थिक खुशहाली लाने का काम किया है।इतना ही नहीं, शुगर इंडस्ट्री द्वारा केंद्र और राज्य सरकार को तक़रीबन आठ हजार करोड़ रुपये का टैक्स दिया जाता है।शुगर इंडस्ट्री से 50 से 60 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर होता है; लेकिन, वर्तमान में गन्ना उत्पादन और चीनी रिकवरी में गिरावट के कारण फैक्ट्रियों के सामने बड़ी फाइनेंशियल मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। चीनी का मार्केट प्राइस लागत के मुकाबले काफी कम है, और इसलिए फैक्ट्रियों को शॉर्ट-टर्म लोन लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसे चुकाना मिलों के लिए नामुमकिन होता जा रहा है।विधायक सतेज पाटिल ने सरकार से चीनी इंडस्ट्री को स्पेशल आर्थिक पैकेज देने की मांग की।इस पर सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने कहा कि, MSP का मामला केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और इसे बढाने के लिएकेंद्र सरकार से बात की जा रहे है।


















