बालोद : जिले के एकमात्र शुगर मिल करकाभाट को पेराई के लिए गन्ने की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मिल में गन्ने की कमी होने से ब्रेकडाउन की स्थिति बनी हुई है। मिल प्रबंधन द्वारा टोकन जारी कर किसानों को गन्ना बेचने के लिए 20 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित किया गया था। प्रबंधन के अनुसार इस सीजन 762 किसानों ने 36 हजार 711 मीट्रिक टन गन्ना बेचा है। शनिवार सुबह तक की स्थिति में 36 हजार 650 टन गन्ने की पेराई से 36 हजार 844 क्विंटल चीनी उत्पादन हुआ था। 22 दिसंबर से 15 फरवरी तक 35 हजार 940 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई से 36 हजार 500 क्विंटल चीनी उत्पादन हुआ था। 6 दिन में एक हजार से कम टन गन्ने की पेराई हो पाई।
भास्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार, ब्रेकडाउन की वजह से पेराई प्रभावित भले ही एमडी राजेंद्र राठिया और जीएम जीएल देवांगन करते आ रहे थे कि पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो। इसके लिए बालोद के अलावा दूसरे जिले के किसानों को भी टोकन जारी कर रहें है लेकिन सच्चाई यह है कि जनवरी से अब तक गन्ने की कमी होने से ब्रेकडाउन की स्थिति बनने से पेराई प्रभावित हुआ। उम्मीद अनुरुप शक्कर उत्पादन नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार बालोद व दूसरे जिले के किसान गन्ना बेचने नहीं आ रहें है। प्रबंधन के अनुसार सभी किसान गन्ना बेच चुके है। दो माह में 1422 टन मोलासिस उत्पादन प्रबंधन के अनुसार गन्ना ही नहीं है।पिछले एक माह से नियमित पेराई नहीं होने के बावजूद रिकवरी रेट पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। रिकवरी रेट गिरने के बजाय बढ़ते क्रम पर रहा।


















