मुरादाबाद : ठाकुरद्वारा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पर शुक्रवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को गन्ने की सहफसली खेती और राष्ट्रीय कीट प्रबंधन प्रणाली के लाभों के बारे में मार्गदर्शन किया गया।पौध सुरक्षा वैज्ञानिक दीपक कुमार ने किसानों को गन्ने में सहफसली खेती (विशेषकर उड़द और मूंग) में लगने वाले प्रमुख रोगों और कीटों की पहचान तथा उनके जैविक व रासायनिक रोकथाम के तरीकें बताये। उन्होंने राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली के बारे में भी जानकारी देकर किसानों को ऐप संचालित करना सिखाया।
वैज्ञानिक डॉ. शिव शंकर वर्मा ने गन्ने के साथ सब्जियों और फलों की सहफसली खेती की जानकारी दी। सस्य विज्ञान वैज्ञानिक अविनाश चौहान ने कहा कि, गन्ने के साथ कौन-कौन सी फसलें सहफसली के रूप में ली जा सकती हैं और इससे मिट्टी के स्वास्थ्य व गन्ने की उत्पादकता को कैसे बढ़ाया जा सकता है। प्रशिक्षण सहायक पुष्पराज यादव ने प्रतिनिधि नमूना लेने की विधि और सहफसली के मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी दी।इसमें लगभग 32 किसानों ने भाग लिया।


















