आंध्र प्रदेश के दो एथेनॉल परियोजनाओं को एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस मिला

नेल्लोर: कोडावलूर मंडल में एथेनॉल प्रोजेक्ट्स के लिए दो कंपनियों को ज़रूरी एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस मिल गया है।गायत्री रिन्यूएबल फ्यूल्स एंड एलाइड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर श्रीसाई जब्बाला ने कहा कि, मिनिस्ट्री ऑफ़ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज (MoEF&CC) के तहत स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA), आंध्र प्रदेश ने क्लीयरेंस दे दी है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार, इस अप्रूवल में राचरलापाडु गांव में IFFCO किसान स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन में प्रस्तावित 200 KLD अनाज-बेस्ड एथेनॉल प्लांट और 6 MW को-जेनरेशन पावर प्लांट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि, क्लीयरेंस डॉक्यूमेंट MoEF&CC PARIVESH पोर्टल पर पब्लिक एक्सेस के लिए उपलब्ध है और उन्होंने कंपनी के सस्टेनेबल तरीकों के प्रति कमिटमेंट पर ज़ोर दिया।

रामशी बायो प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के संदीप कुमार ने बताया कि, उनकी कंपनी को SEIAA से 370 KLD अनाज-बेस्ड एथेनॉल प्लांट और रेगादिचेलिका ग्राम पंचायत के राचरलापाडु गांव में मौजूद IFFCO नेल्लोर में 7.25 MW को-जेनरेशन पावर प्लांट के लिए भी मंज़ूरी मिल गई है। कुमार ने कहा कि मंज़ूरी का डॉक्यूमेंट PARIVESH पोर्टल पर भी उपलब्ध है और उन्होंने आंध्र प्रदेश में बायोफ्यूल सेक्टर की ग्रोथ में योगदान देते हुए पर्यावरण नियमों का पालन करने की कंपनी की वचनबद्धता दोहराई।

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