फिलिपींस : ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बीच गन्ना उत्पादक संगठन ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की

बाकोलोड सिटी : कन्फेडरेशन ऑफ शुगर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन इंक. (CONFED) ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण स्थानीय चीनी उद्योग पर पड़ रहे गंभीर आर्थिक प्रभाव से बचाने के लिए कृषि विभाग (DA) से तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की अपील की है। 5 मार्च को कृषि सचिव और शुगर बोर्ड के चेयरमैन फ्रांसिस्को पी. टियू लॉरेल जूनियर को लिखे पत्र में CONFED के अध्यक्ष ऑरेलियो गेरार्ड जे. वाल्डेरामा जूनियर ने कहा कि, मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण ईंधन और उर्वरकों की कीमतें पहले ही बढ़ने लगी हैं।वाल्डेरामा ने कहा, अगर इस स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो इसका खाद्य उत्पादन और कुल कृषि उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा, जिसका सबसे बड़ा नुकसान पहले से ही परेशान किसानों को उठाना पड़ेगा।

उन्होंने कृषि विभाग से कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।प्रस्तावित उपायों में छोटे किसानों और भूमि सुधार लाभार्थियों के लिए कृषि विभाग और शुगर रेगुलेटरी एडमिनिस्ट्रेशन (SRA) के माध्यम से उर्वरक सहायता या सब्सिडी का विस्तार शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की कि, सरकार ईंधन और उर्वरकों की कीमतों पर नियंत्रण लगाए, ताकि मुनाफाखोरी और अनुचित मूल्य वृद्धि को रोका जा सके, जो कृषि उत्पादन लागत को और बढ़ाकर खाद्य महंगाई को बढ़ा सकती है।

इसके अलावा CONFED ने “परचेज-एंड-पार्क” चीनी खरीद कार्यक्रम को लागू करने के अपने प्रस्ताव को भी दोहराया।वाल्डेरामा के अनुसार पहले दो उपाय पूरे कृषि क्षेत्र के किसानों को राहत देने के लिए हैं, जबकि सरकार द्वारा वित्तपोषित चीनी खरीद कार्यक्रम को चीनी उत्पादकों के लिए वास्तविक राहत का एकमात्र स्रोत माना जा रहा है, जो मिलगेट कीमतों में गिरावट से लगातार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, CONFED प्रस्तावित कार्यक्रम के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करने के लिए गठित तकनीकी कार्य समूह में भाग लेने के लिए तैयार है।

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