नई दिल्ली : 28 फरवरी तक, मोलासेस आधारित और अनाज आधारित दोनों तरह की डिस्टिलरियों ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को लगभग 328 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति की है। सूत्रों के अनुसार, अनाज आधारित डिस्टिलरियों ने मिलकर लगभग 209 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया, जो इस अवधि के दौरान अनुबंधित मात्रा का लगभग 27% है।
अनाज स्रोतों में:
अनाज की टोकरी में एथेनॉल उत्पादन में मक्का का सबसे बड़ा योगदान है, जिसने लगभग 123 करोड़ लीटर की आपूर्ति की है, जो इसकी अनुबंधित मात्रा का 26% है।
एफसीआई के अधिशेष अनाज (एसएफजी) ने लगभग 69 करोड़ लीटर की आपूर्ति की, जो अनुबंधित मात्रा का 30% है।
क्षतिग्रस्त खाद्यान्न (डीएफजी) ने लगभग 17 करोड़ लीटर का योगदान दिया, जो अनुबंधित आपूर्ति का लगभग 31% है।
मोलासेस आधारित कच्चे माल से उत्पादित एथेनॉल की मात्रा लगभग 119 करोड़ लीटर है, जो अनुबंधित मात्रा का 41% है।
गन्ने के रस (SCJ) से लगभग 94 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ, जो अनुबंधित मात्रा का 57% है।
बी-भारी मोलासेस (BHM) से लगभग 21 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई, जो अनुबंधित आपूर्ति का 19% है।
सी-भारी मोलासेस (CHM) से लगभग 4 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई, जो अनुबंधित मात्रा का 29% है।
वर्ष 2025-26 के लिए अनुबंधित मात्रा 1,058 करोड़ लीटर थी, जबकि फरवरी तक कुल एथेनॉल की आपूर्ति लगभग 328 करोड़ लीटर रही, जो अनुबंधित मात्रा का लगभग 31% है।


















