बैंकॉक: कृषि वाहनों और ट्रकों का निर्माण करने वाली कंपनी सियाम कुबोटा कॉर्पोरेशन ने हाल ही में लॉन्च की गई गन्ना कटाई (हार्वेस्टिंग) मशीनों पर बड़ा दांव लगाया है। कंपनी का मानना है कि, ये मशीनें थाईलैंड के कृषि क्षेत्र में बढ़ती श्रमिकों की कमी को दूर करने में मदद करेंगी। यह समस्या थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद के कारण और भी बढ़ गई है। कंपनी को उम्मीद है कि, इन मशीनों की मदद से 2026 में उसका राजस्व 12% बढ़कर 62 अरब बाट तक पहुंच जाएगा, जबकि पिछले साल यह 55 अरब बाट था।
कंपनी के अध्यक्ष काजुनोरी तानी ने कहा कि, कृषि मूल्य गारंटी जैसी सरकारी नीतियां भी कंपनी की वृद्धि को समर्थन देंगी। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि नई सरकार के तहत थाईलैंड की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। सरकार ने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने और स्थानीय किसानों का समर्थन करने के लिए कई कदम उठाए हैं। कंपनी के बिक्री और विपणन उपाध्यक्ष पुन्ना वोंगतानासिरिकुल ने बताया कि, गन्ना हार्वेस्टर मशीनों की मांग काफी मजबूत रही है और इस साल अब तक 50 मशीनें बेची जा चुकी हैं।
कंबोडिया की सीमा से सटे सा काओ प्रांत के किसानों ने इन मशीनों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि, इससे मजदूरी लागत कम हुई है और कटाई का समय भी काफी घट गया है। दरअसल, सीमा विवाद के कारण कई कंबोडियाई मजदूर अपने देश लौट गए, जिससे थाई किसानों के सामने मजदूरों की भारी कमी हो गई है।स्थानीय लोग भी ताजा गन्ना काटने जैसे कठिन काम को करने में कम रुचि दिखा रहे हैं।
काजुनोरी तानी ने माना कि, सीमा बंद होने से कंबोडिया में मशीनों की आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई। ऐसे में सियाम कुबोटा को मशीनें भेजने के लिए वैकल्पिक तरीकों का सहारा लेना पड़ा, जिससे कीमतें 4–5 गुना तक बढ़ गईं और कंबोडियाई किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ा।अब कंपनी लागत कम करने के लिए लाओस और वियतनाम के रास्ते वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग तलाश रही है।
पिछले साल सियाम कुबोटा का राजस्व 10% घटकर 55 अरब बाट रह गया था। इसमें घरेलू बिक्री 14% गिरकर 33 अरब बाट और विदेशी बिक्री 5% घटकर 22 अरब बाट रह गई।कंपनी के अनुसार, इस गिरावट के पीछे जलवायु परिवर्तन, बैंकों द्वारा कड़े ऋण नियम और घरेलू कर्ज का उच्च स्तर प्रमुख कारण रहे।आगे की योजना के तहत कंपनी ट्रैक्टर बिक्री पर जोर दे रही है और 4,000 ट्रैक्टर बेचने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 200 धान हार्वेस्टर, 700–800 कृषि ड्रोन और अन्य मशीनें जैसे खुदाई मशीन (एक्स्कावेटर) तथा डीजल इंजन भी बेचे जाएंगे। मशीनीकरण में निवेश करके सियाम कुबोटा न केवल अपनी आय को स्थिर करना चाहता है, बल्कि थाईलैंड के गन्ना उद्योग के लिए दीर्घकालिक समाधान भी प्रदान करना चाहता है, जो श्रमिकों की कमी और क्षेत्रीय तनाव से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।


















