जयपुर: राजस्थान सरकार राज्य में एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तेजी से प्रयास कर रही है। बिजली उत्पादन के बाद अब हाड़ौती क्षेत्र एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां फिलहाल दो एथेनॉल उत्पादन इकाइयां शुरू हो चुकी हैं, जबकि तीन अन्य प्लांटों का निर्माण कार्य जारी है। भास्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार, बूंदी जिले की तालेड़ा तहसील में स्थापित एथेनॉल प्लांट में प्रतिदिन करीब ढाई लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है।
पिछले वर्ष आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान समिट’ के दौरान राज्य में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए 10 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। उसी के तहत लाडपुरा और आसपास के क्षेत्रों में दो प्लांट शुरू हो चुके हैं और तीन अन्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है। लाडपुरा स्थित प्लांट में मक्का और चावल से एथेनॉल तैयार किया जा रहा है। इनमें से एक प्लांट करीब 75 बीघा भूमि में स्थापित किया गया है, जिस पर लगभग 250 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
इन प्लांटों में से एक की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 250 किलोलीटर (करीब 2.5 लाख लीटर) एथेनॉल है। यहां तैयार एथेनॉल सरकारी तेल डिपो को आपूर्ति किया जाता है। क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने के कारण उद्यमियों के लिए यहां प्लांट स्थापित करना सुविधाजनक है। एथेनॉल उत्पादन के लिए प्लांट मालिक एफसीआई से चावल खरीदते हैं, जबकि मक्का स्थानीय व्यापारियों से लिया जाता है।
प्लांट के एक तकनीशियन के अनुसार, मक्का से प्रतिदिन लगभग 2.30 लाख लीटर और चावल से करीब 2.50 लाख लीटर एथेनॉल तैयार किया जाता है। चावल की तुलना में मक्का से एथेनॉल का उत्पादन थोड़ा कम होता है। प्लांट में उत्पादन प्रक्रिया के लिए भूमिगत जल का उपयोग किया जाता है।एथेनॉल प्लांट के निर्माण से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर निर्माण हुए है।


















