मुंबई : किसानों का लंबित गन्ना मूल्य और कटाई मजदूरों के भुगतान के लिए मिलों को प्रति टन 500 रुपये का अनुदान,13 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के पुनर्गठन के लिए राज्य बैंक को निर्देश दिए जाए और पूर्व पेराई सीजन ऋण के लिए 5,500 करोड़ रुपये की योजना बनाने की मांग सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है।
सहकार मंत्री पाटिल ने कहा कि, चीनी मिलों की ओर से 13 हजार करोड़ रुपये के पुनर्गठन के बाद कर्ज की अदायगी के लिए दो वर्ष की मोहलत (ग्रेस पीरियड) और कुल 12 वर्षों की पुनर्भुगतान अवधि देने की मांग की जा रही है।इसके अलावा जिन चीनी मिलों में को-जनरेशन परियोजनाएं हैं, उन्हें वर्ष 2023–24 की तरह इस वर्ष भी 1.50 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से अनुदान देने की मांग की गई है।
साथ ही चीनी मिलों के डिस्टिलरी प्रोजेक्ट में उपयोग होने वाले पानी का शुल्क, प्रक्रिया उद्योग की दरों के अनुसार लिया जाए।हार्वेस्टर की योजना और संचालन में बेहतर समन्वय के लिए चीनी आयुक्त और कृषि आयुक्त की संयुक्त समिति गठित करने की भी मांग की गई है। इन सभी मुद्दों पर सहकारी और निजी चीनी मिल मालिकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करने के लिए समय देने की मांग सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की है।


















