कोल्हापुर (महाराष्ट्र) : कोल्हापुर संभाग में चीनी मिलों का गन्ना पेराई सीजन समाप्त हो गया है और इस दौरान लगभग 2 करोड़ 9 लाख टन गन्ने की पेराई की गई है। हालांकि, संभाग में केवल 9 चीनी मिलों ने ही किसानों को पूरी एफआरपी (फेयर एंड रेम्युनरेटिव प्राइस) का भुगतान किया है, जबकि 29 चीनी मिलों पर 1054 करोड़ 19 लाख रुपये की एफआरपी बकाया है।
इस स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय सह-संचालक (चीनी) ने संभाग की 29 चीनी मिलों को नोटिस जारी किया था।इस मामले में मंगलवार को सुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई के दौरान मिल प्रबंधन को किसानों की बकाया एफआरपी तुरंत चुकाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद कुछ चीनी मिलों ने तत्काल गन्ना भुगतान करना भी शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि, संभाग की कुछ चीनी मिलों ने जनवरी से ही गन्ने के भुगतान लंबित रखे हैं।नियमों के अनुसार, किसानों को गन्ना आपूर्ति के 15 दिनों में गन्ना मूल्य का भुगतान करना अनिवार्य होता है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी राशि अब भी बकाया है।
क्षेत्रीय चीनी सह-संचालक कार्यालय की ओर से 29 मिलों को एफआरपी बकाया को लेकर नोटिस जारी किया गया था और उसी संदर्भ में 10 मार्च को सुनवाई की गई। इस दौरान क्षेत्रीय सह-संचालक संगीता डोंगरे ने मिलों को जल्द से जल्द गन्ना भुगतान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिन मिलों ने अब तक एफआरपी का भुगतान नहीं किया है, उनके खिलाफ आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाणपत्र) की कार्रवाई के प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी चीनी आयुक्त की ओर से दिए गए हैं।


















