नई दिल्ली : वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी StoneX ने 2025–26 सीजन के लिए वैश्विक चीनी अधिशेष (सरप्लस) के अपने अनुमान में बड़ी कटौती की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में चीनी उत्पादन का अनुमान घटाने के कारण यह बदलाव किया गया है, जबकि ब्राज़ील में उत्पादन स्थिर रहने और एथेनॉल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।कंपनी अब अक्टूबर–सितंबर 2025/26 सीजन के लिए वैश्विक चीनी अधिशेष लगभग 8.7 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान लगा रही है।इससे पहले जनवरी में यह अनुमान 29 लाख टन बताया गया था।
इस संशोधन का मुख्य कारण भारत में उत्पादन की कमजोर संभावनाएं हैं। StoneX ने भारत में चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 29.7 मिलियन टन कर दिया है, जबकि पहले यह अनुमान 32.3 मिलियन टन था। यह कमी मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने के जल्दी फूल आने और उत्तर प्रदेश में गन्ने की कम पैदावार से जुड़ी बताई गई है।वैश्विक स्तर पर अधिशेष कम होने से चीनी की कीमतों को सहारा मिल सकता है, क्योंकि हाल के वर्षों में अधिक आपूर्ति के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ था।
ब्राज़ील के सेंटर-साउथ क्षेत्र में इस सीजन में चीनी उत्पादन लगभग 40.5 मिलियन टन रहने का अनुमान है और अगले सीजन में भी यह लगभग स्थिर रहने की संभावना है।हालांकि, गन्ने की पेराई में वृद्धि हो सकती है, लेकिन गन्ने का बड़ा हिस्सा ईंधन उत्पादन की ओर मोड़ा जा सकता है।रिपोर्ट के अनुसार, ब्राज़ील के सेंटर-साउथ क्षेत्र में एथेनॉल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है और 2026-27 में कुल एथेनॉल उत्पादन 37.2 अरब लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि, अगर वैश्विक आपूर्ति कम रहती है, तो मौसम से जुड़ी किसी भी बाधा का असर चीनी कीमतों पर अधिक तेजी से पड़ सकता है, क्योंकि उत्पादन में कमी की भरपाई के लिए अतिरिक्त स्टॉक कम होगा।बाजार में ब्राज़ील की उत्पादन नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। यदि एथेनॉल के मुनाफे चीनी की तुलना में अधिक आकर्षक बने रहते हैं, तो मिलें अधिक गन्ना ईंधन उत्पादन की ओर मोड़ सकती हैं, जिससे निर्यात के लिए उपलब्ध चीनी की मात्रा प्रभावित हो सकती है।इस वजह से वैश्विक चीनी बाजार अब तेल की कीमतों, बायोफ्यूल नीतियों और एथेनॉल उत्पादन क्षमता (खासकर मक्का आधारित एथेनॉल) से और अधिक जुड़ता जा रहा है।
















