इंडोनेशिया : चीनी उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए 5.9 अरब गन्ना कलमें लगाने की योजना

जकार्ता: इंडोनेशिया के कृषि मंत्रालय ने 2026 में 5.9 अरब गन्ना कलमें (बड्स) वितरित करने का लक्ष्य रखा है, ताकि छोटे किसानों के बागानों का विस्तार करके और प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाकर देश को चीनी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा सके। कृषि मंत्री आंदी अमरान सुलैमान ने गुरुवार को बताया कि, इन कलमों के जरिए 10 प्रांतों और 74 जिलों में चिन्हित 99,547 हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की खेती कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि, यह कार्यक्रम व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य खेती के क्षेत्र को बढ़ाने के साथ-साथ छोटे किसानों की उत्पादकता बढ़ाना है, ताकि देश में बढ़ती घरेलू चीनी मांग को टिकाऊ तरीके से पूरा किया जा सके।सरकार के लिए गन्ना क्षेत्र को मजबूत करना प्राथमिकता बन गया है, क्योंकि इंडोनेशिया आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू चीनी उद्योग को अधिक मजबूत बनाना चाहता है।

सुलैमान ने कहा, हम खेती की शुरुआत से लेकर विपणन तक पूरे सिस्टम में सुधार कर रहे हैं — यानी कलम, रोपाई के तरीके, उत्पादन प्रणाली और मार्केटिंग तक।हमारा लक्ष्य सरल है, किसानों को मुनाफा मिलना चाहिए। सरकार का लक्ष्य 2026 तक देश का कुल चीनी उत्पादन लगभग 30 लाख टन तक बढ़ाना है। इसके लिए पूरे देश में गन्ना क्षेत्र विस्तार और उत्पादकता बढ़ाने के कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं, जो इंडोनेशिया की व्यापक खाद्य आत्मनिर्भरता नीति का हिस्सा है।

यह तेज़ी लाने वाला कार्यक्रम 2025 में शुरू किया गया था, जब सरकार ने छोटे किसानों की खेती का क्षेत्र तेजी से बढ़ाने और बेहतर रोपण सामग्री व उन्नत खेती तकनीकों से उत्पादन बढ़ाने का प्रयास शुरू किया। 2025 में कृषि मंत्रालय के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ एस्टेट्स ने किसानों को 1,92,57,60,000 गन्ना कलमें वितरित की थीं, जो लगभग 32,096 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपण के लिए पर्याप्त थीं, क्योंकि एक हेक्टेयर में करीब 60,000 कलमों की आवश्यकता होती है।

सुलैमान ने बताया कि, यह कार्यक्रम 7 प्रांतों और 56 जिलों में लागू किया गया था और यह सरकार की दीर्घकालिक गन्ना विस्तार योजना का शुरुआती चरण है। कार्यवाहक महानिदेशक अब्दुल रोनी अंगकट ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली गन्ना कलमों की उपलब्धता बागानों की उत्पादकता और किसानों की चीनी उपज बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, इस सहायता कार्यक्रम के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता की रोपण सामग्री मिले, जिससे उत्पादकता और चीनी उत्पादन बढ़ सके।

उन्होंने यह भी बताया कि, कलमों का समय पर और सही वितरण सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय सरकारों, नर्सरियों और किसानों के साथ समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि, छोटे किसानों के गन्ना बागानों का विस्तार और बेहतर रोपण सामग्री उपलब्ध कराने से आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय चीनी उत्पादन लगातार बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि, इस कार्यक्रम से किसानों की आय भी बढ़ेगी और धीरे-धीरे इंडोनेशिया की आयातित चीनी पर निर्भरता कम होगी।

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