नाइजीरिया सरकार ने ईंधन-ग्रेड एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की, ऊर्जा आयात बिल को कम करने का लक्ष्य

अबुजा: नाइजीरिया सरकार ने फ्यूल ग्रेड एथेनॉल (FGE) के उत्पादन को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि इसे प्रीमियम मोटर स्पिरिट (PMS) यानी पेट्रोल के साथ मिश्रित किया जा सके। इसका उद्देश्य देश के ऊर्जा आयात बिल को कम करना, विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना और स्थानीय बायो-सर्कुलर अर्थव्यवस्था के निर्माण के माध्यम से नायरा मुद्रा को स्थिर करना है। बजट और आर्थिक योजना मंत्री अबुबकर अतिकु बागुडू ने यह जानकारी नासरावा राज्य में आयोजित कैसावा बायो-एथेनॉल वैल्यू चेन विकास परियोजना के कार्यान्वयन से जुड़े कार्यक्रम के दौरान दी।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मंत्री का प्रतिनिधित्व आर्थिक विकास विभाग के निदेशक मुहम्मद औवाल ने किया। उन्होंने बताया कि, इस कार्यशाला का एक मुख्य तकनीकी उद्देश्य फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना है, जो वर्तमान में मूल्य श्रृंखला में लगभग 40% की दक्षता हानि का कारण बनता है। इसके लिए रणनीतिक संग्रह केंद्र (एग्रीगेशन हब) और तेज प्रसंस्करण तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम कटाई और प्रसंस्करण के बीच के समय को कम करना चाहते हैं, ताकि स्टार्च की गुणवत्ता बनी रहे और उत्पादन ASTM (अमेरिकन सोसाइटी फॉर टेस्टिंग एंड मटेरियल्स) के मानकों के अनुरूप निर्जल एथेनॉल के रूप में तैयार हो सके।

मंत्रालय की स्थायी सचिव डॉ. डेबोरा ओडोह ने कहा कि, मंत्रालय इस पहल में सभी हितधारकों को पूरा समर्थन देगा।उन्होंने आश्वासन दिया कि, रणनीतिक नीति समन्वय, निगरानी और मूल्यांकन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस कार्यक्रम में किया गया निवेश युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के लिए आय और अर्थव्यवस्था के लिए मजबूती प्रदान करे।उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि, कार्यशाला में लिए गए निर्णयों को व्यावहारिक परिणामों और स्थायी प्रभावों में बदला जाए।

मंत्रालय के आर्थिक विकास विभाग के एक अन्य प्रतिनिधि फताई ओलाइफा ने कहा कि, कैसावा (टैपिओका) एक बहुउपयोगी फसल है, जो किसानों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए कई अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि, इस वैल्यू चेन की सफलता विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय और सहयोग पर निर्भर करेगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि, कार्यान्वयन रोडमैप में सभी की भूमिकाएं स्पष्ट की जाएंगी और सार्वजनिक क्षेत्र के नियमों तथा निजी क्षेत्र की दक्षता के बीच की दूरी को कम किया जाएगा।

राष्ट्रीय खाद्य और औषधि प्रशासन एवं नियंत्रण एजेंसी (NAFDAC) की महानिदेशक प्रो. मोजिसोला क्रिस्टियाना अडेयेये की ओर से दिए गए संदेश में कहा गया कि, एजेंसी कैसावा से बनने वाले द्वितीयक उप-उत्पादों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस पहल को अर्थव्यवस्था के विविधीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं बेनुए राज्य के गवर्नर की खाद्य सुरक्षा और कृषि विषयक तकनीकी सलाहकार ओचान्या ओकोह ने कहा कि बेनुए राज्य इस अवसर का उपयोग करते हुए कैसावा उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार है, क्योंकि यह देश में कैसावा उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्यों में से एक है।

यह कार्यशाला कैसावा से बायो-एथेनॉल उत्पादन की तकनीकी क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक उपयोग और निर्यात के अवसर पैदा करने तथा विभिन्न उत्पादों के प्रसंस्करण के नए रास्ते खोलने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। कार्यशाला में NAFDAC, कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्रालय, रॉ मटेरियल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट काउंसिल, क्षेत्रीय राज्य सरकारें, कैसावा उत्पादक और प्रोसेसर संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here