लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3.15 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। यह जानकारी यूएनआई की रिपोर्ट में दी गई है। राज्य के गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. के अनुसार, इस भुगतान से प्रदेश के लगभग 48 लाख गन्ना किसानों को लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि, सरकार की सख्त निगरानी और नियमित समीक्षा के कारण चीनी मिलों द्वारा भुगतान की प्रक्रिया तेज हुई है। वर्तमान पेराई सत्र में 42 चीनी मिलों ने किसानों को देय गन्ना मूल्य का 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है।
भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने एस्क्रो अकाउंट आधारित डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। इसके तहत किसानों को गन्ना आपूर्ति पर्ची, खेत सर्वेक्षण और भुगतान से संबंधित जानकारी एसएमएस और विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मिल रही है।गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. के ने बताया कि, सरकार ने पेराई सत्र 2025–26 के लिए गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की है। नए दरों के अनुसार किसानों को अगेती किस्मों के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्मों के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे। इस बढ़ोतरी से किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट, कानपुर और उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद के साथ समझौते किए गए हैं, ताकि किसानों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराया जा सके और उन्हें आधुनिक खेती पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।


















