केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए 87,587 टन अतिरिक्त चीनी निर्यात कोटा आवंटित किया

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने 2025-26 (अक्टूबर–सितंबर) विपणन वर्ष के लिए चीनी निर्यात कोटा में 87,587 टन की अतिरिक्त मंजूरी दी है। खाद्य मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक सर्कुलर में बताया कि, यह फैसला चीनी मिलों की मांग के बाद लिया गया है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने पीटीआई के हवाले से यह खबर दी है। इससे पहले सरकार ने इस सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी और फरवरी में इच्छुक मिलों को 5 लाख टन का अतिरिक्त कोटा नॉन-स्वैपेबल आधार पर आवंटित किया था। हालांकि, इस अतिरिक्त 5 लाख टन में से केवल 87,587 टन के लिए ही आवेदन प्राप्त हुए और उन्हें मंजूरी दी गई, जबकि बाकी कोटा स्वतः समाप्त हो गया।

मिलों को आवंटित चीनी का निर्यात 30 जून 2026 तक करना होगा। जो मिलें इस तारीख तक अपने कोटे का कम से कम 70% निर्यात कर लेंगी, उन्हें शेष मात्रा 30 सितंबर 2026 तक निर्यात करने की अनुमति मिलेगी। 70% लक्ष्य पूरा न करने पर बची हुई मात्रा निरस्त हो जाएगी और इसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली या इच्छुक मिलों को फिर से आवंटित किया जा सकता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि, फोर्स मेज्योर (अप्रत्याशित परिस्थितियों) को छोड़कर किसी भी स्थिति में समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी और कोटा मिलों के बीच आपस में ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। जो मिलें निर्धारित 70% निर्यात नहीं कर पाएंगी, उनके भविष्य के निर्यात कोटे में कमी कर दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी मिल को 1,000 टन का कोटा मिला और उसने 30 जून तक केवल 400 टन निर्यात किया, तो अगले कोटे से 300 टन घटा दिया जाएगा।

आवंटित सीमा तक सभी प्रकार की चीनी का निर्यात किया जा सकता है।रिफाइनरी मिलों से प्राप्त कच्ची चीनी को बाइ या ट्राई-पार्टी समझौतों के तहत निर्यात कर सकती हैं, बशर्ते यह मात्रा संबंधित मिल के कोटे के भीतर हो। मार्च 2025 के स्टॉक लिमिट नियमों का उल्लंघन करने वाली मिलों को इस सीजन में कोटा नहीं दिया जाएगा। विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की रिफाइनरी को की गई आपूर्ति को भी निर्यात माना जाएगा। एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत निर्यात पहले की तरह जारी रहेगा।

निर्देशों का उल्लंघन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और विदेशी व्यापार (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1992 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मिलों को हर महीने अपने निर्यात का विवरण मंत्रालय के NSWS पोर्टल पर देना होगा। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि, जरूरत पड़ने पर निर्यात नियमों में बदलाव किया जा सकता है।उद्योग के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 सीजन में अक्टूबर से फरवरी तक भारत 3.15 लाख टन चीनी का निर्यात कर चुका है, जबकि कुल अनुमत कोटा 15 लाख टन है।

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