उत्तर प्रदेश : बागपत प्रशासन के एक अहम फैसले ने वेस्ट यूपी के हजारों गन्ना किसानों को मिली बड़ी राहत

बागपत : गन्ना आयुक्त ने सहकारी चीनी मिल बागपत के चार लाख कुंतल गन्ने को दूसरी चीनी मिलों में भेजने का निर्णय लिया है। इससे न केवल बागपत मिल समय पर बंद हो सकेगी, बल्कि किसानों के खेत भी जल्दी खाली हो जाएंगे, जिससे अगली फसल की बुआई समय पर हो सकेगी। हालांकि, कई चीनी मिलें गन्ने की कमी से जूझ रही हैं, लेकिन बागपत चीनी मिल के पास इस बार पर्याप्त से अधिक गन्ना उपलब्ध है। अब तक यह मिल करीब 30.99 लाख कुंतल गन्ना खरीद चुकी है। अधिक गन्ना होने के कारण मिल को समय पर बंद करने में परेशानी आ रही थी।

जागरण में प्रकाशित खबर के अनुसार, जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने इस समस्या के समाधान के लिए चार लाख कुंतल गन्ना अन्य मिलों में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब गन्ना आयुक्त ने मंजूरी दे दी है। जिला गन्ना अधिकारी अमर प्रताप सिंह के अनुसार, पूठड और खेकड़ा बी केंद्रों का गन्ना दौराला चीनी मिल को, फिरोजपुर, मंडौला और गाधी केंद्रों का गन्ना मंसूरपुर चीनी मिल को, जबकि सांकलपुट्ठी और सांकरौद केंद्रों का गन्ना खतौली चीनी मिल को भेजा जाएगा।

इस फैसले से कुल चार लाख कुंतल गन्ना दूसरी मिलों में जाएगा, जिससे बागपत मिल समय पर बंद हो सकेगी और किसानों को खेत खाली करने में आसानी होगी। साथ ही, समय पर गन्ना आपूर्ति होने से चीनी की रिकवरी में गिरावट से होने वाले नुकसान से भी बचाव होगा। गौरतलब है कि मध्य अप्रैल के बाद चीनी की रिकवरी कम होने लगती है, जिससे मिलों और किसानों दोनों को नुकसान उठाना पड़ता है।

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