चीनीमंडी की पहल: लॉकडाउन के दौरान चीनी व्यापारियों और मिलों को आपूर्ति करने में नहीं आएगी कोई समस्या

कोरोना वायरस के चपेट में लगभग पूरा विश्व आ चूका है। इसने देश के उद्योग पर गहरा प्रभाव डाला है, जिसमे चीनी उद्योग भी एक है। भारत में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 14 अप्रैल, 2020 तक लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। ऐसे समय से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखना भी बहुत जरुरी है। लेकिन लॉकडाउन के कारण जाहिर तौर पर आवश्यक वस्तुओं की यातयात पर असर जरूर पड़ता है।

चीनी भी आवश्यक वस्तुओं में से एक है, जिसे अपने डिलीवरी लोकेशन पर पहुंचना जरुरी है। इसलिए चीनीमंडी ने पहल की है की यह आवश्यक वस्तु अपने अंतिम स्थान पर बिना कोई दिक्कत के पहुंचे। साथ ही चीनीमंडी यह भी सुनिश्चित कर रहा है की चीनी आपूर्ति के दौरान उनसे जुड़े लोगो को कोई समस्या न आये।

कोरोना वायरस के गंभीर संकट के दौरान, चीनी के आपूर्ति में कोई दिक्कते न आये, इसके संबंध में चीनीमंडी ने कोल्हापुर के जिल्हाधिकारी दौलत देसाई से खास बातचीत की। उन्होंने चीनीमंडी से बातचीत में कहा,”किसी भी चीनी व्यापारी या आपूर्तिकर्ता को देश में लॉकडाउन के दौरान चीनी की आपूर्ति में किसी भी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि चीनी एक आवश्यक वस्तु है।

उन्होंने कहा,”चीनी व्यापारी या आपूर्तिकर्ता संघ को अपने संबंधित जिला आपूर्ति अधिकारी से संपर्क करना चाहिए, जहां उन्हें एक पहचान पत्र जारी किया जाएगा जो उन्हें अपने व्यापार और आपूर्ति गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने की अनुमति देगा।”

कोरोना वायरस चीनी उद्योग को विभिन्न तरीकों से प्रभावित कर रहा है। वायरस के प्रसार ने मिलों से चीनी बिक्री को कम कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप मिलों और व्यापारियों के सामने वित्तीय संकट की समस्या खड़ी है।

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