ढाका : देश की सबसे बड़ी चीनी मिलों में से एक जॉयपुरहाट शुगर मिल के पुनरुद्धार प्रयासों को सस्ती आयातित चीनी से कड़ी चुनौती मिल रही है। हाल के वर्षों में उत्पादन में सुधार और गन्ना किसानों को बेहतर कीमत मिलने के बावजूद मिल को बाजार में अपनी चीनी बेचने में कठिनाई हो रही है। 1960 के दशक में स्थापित इस मिल को स्वतंत्रता के बाद से लगातार बढ़ते घाटे का सामना करना पड़ा है। इसके पीछे कुप्रबंधन, अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति, गन्ने की कम कीमत और किसानों के साथ विवाद जैसे कई कारण रहे हैं। वर्ष 2020 से 2022 के बीच मिल को लगातार नुकसान हुआ और अब तक उस पर लगभग 850 करोड़ टका का कर्ज हो चुका है।
हालांकि, 2023–24 के क्रशिंग सीजन से स्थिति में कुछ सुधार शुरू हुआ, जब गन्ने की उचित कीमत और किसानों के बकाया भुगतान से जुड़े मुद्दे सुलझने लगे। जॉयपुरहाट शुगर मिल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद खबीर उद्दीन ने बताया कि, 2025–26 सीजन के दौरान जॉयपुरहाट मिल क्षेत्र और दो बंद मिलों—रंगपुर के श्यामपुर तथा गाइबांधा के महिमागंज—के क्षेत्रों में लगभग 3,700 एकड़ भूमि पर उगाए गए करीब 54,500 टन गन्ने की पेराई की गई। उन्होंने बताया कि, इस सीजन में पेराई की गई गन्ने की मात्रा पिछले वर्ष के लगभग बराबर है, लेकिन पिछले तीन–चार वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। इस सीजन में मिल ने करीब 2,801.5 टन चीनी का उत्पादन किया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि, यदि अगले वर्ष लगभग 65,000 टन गन्ने की पेराई हो पाती है तो चीनी उत्पादन और बढ़ सकता है।इस बीच गन्ना किसानों ने मिल द्वारा दी जा रही कीमतों पर संतोष जताया है। वर्तमान में किसानों को गन्ने के लिए 650 टका प्रति क्विंटल मिल रहा है। जॉयपुरहाट सदर उपजिला के पाकुरदोली क्षेत्र के बटाईदार किसान एंताजुल इस्लाम और पंचबीबी उपजिला के आयमा गांव के किसान अब्दुस समद ने बताया कि गन्ना बेचकर उन्हें प्रति बीघा लगभग 70,000–80,000 टका की आय होती है और खर्च निकालने के बाद करीब 30,000–40,000 टका का लाभ मिलता है।
हालांकि, इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद मिल को अपनी चीनी बेचने में परेशानी हो रही है, क्योंकि बाजार में सस्ती आयातित चीनी से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि, मिल के पास फिलहाल करीब 3,594.45 टन चीनी का स्टॉक मौजूद है, जिसमें पिछले साल की बिना बिकी चीनी भी शामिल है। बाजार सूत्रों के अनुसार, जॉयपुरहाट शुगर मिल की चीनी खुदरा बाजार में करीब 130 टका प्रति किलोग्राम बिक रही है, जबकि आयातित चीनी 95 से 100 टका प्रति किलोग्राम में उपलब्ध है।


















