गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में अत्याधुनिक स्वचालित गुड़ निर्माण प्लांट की शुरुआत हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि, इस परियोजना से क्षेत्र में गन्ने की खेती को फिर से बढ़ावा मिलेगा और किसानों के लिए आय के नए अवसर पैदा होंगे।यह प्लांट हर्षवर्धन इंडस्ट्रीज द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन रविवार को राज्य के गन्ना उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने किया। यह इकाई बिहार सरकार के गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत स्थापित की गई है।
करीब दो एकड़ में फैला यह प्लांट लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह स्वचालित इकाई प्रतिदिन करीब 100 टन गन्ने की पेराई कर सकती है और इससे 13 टन से अधिक गुड़ का उत्पादन संभव है। अधिकारियों के अनुसार, प्लांट में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उत्पादन क्षमता और उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होगी।
अधिकारियों का मानना है कि, यह परियोजना इलाके में गन्ने की खेती को फिर से जीवित करने में मददगार साबित हो सकती है। पिछले दो दशकों में गोपालगंज और आसपास के जिलों में कई चीनी मिलें बंद होने के कारण गन्ने की खेती में गिरावट आई थी। खरीद और प्रोसेसिंग की सुविधा नहीं होने से किसानों ने धीरे-धीरे अन्य फसलों की ओर रुख कर लिया था।स्थानीय किसानों ने उम्मीद जताई है कि, नए प्लांट से गन्ने की खेती में उनका भरोसा फिर से बढ़ेगा। किसानों का कहना है कि, यदि गन्ने की खरीद स्थिर बनी रहती है, तो वे दोबारा बड़े पैमाने पर इसकी खेती शुरू कर सकते हैं।
उद्घाटन समारोह में के. सेंथिल कुमार ने किसानों से गन्ना क्षेत्र के लिए चल रही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि, किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाए और उन्हें उपलब्ध सब्सिडी व योजनाओं की जानकारी भी दी जाए। इस प्लांट को बिहार के पारंपरिक गुड़ उद्योग को आधुनिक तकनीक और संगठित आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


















