ब्राज़ील : एग्रियन कंपनी का 2031 तक गन्ने के कचरे से हर साल 5 लाख टन उर्वरक बनाने का लक्ष्य

रिबेराओ प्रेटो : ब्राज़ील की उर्वरक कंपनी एग्रियन फर्टिलिज़ांतेस (Agrion Fertilizantes) ने 2031 तक गन्ने के अपशिष्ट से हर साल 5 लाख मीट्रिक टन उर्वरक बनाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ एरनानी ज्यूडिसे ने बुधवार को कहा कि, इससे ब्राज़ील को वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिमों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।ब्राज़ील कृषि क्षेत्र में एक बड़ी ताकत है और दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है, जहां हर साल करोड़ों टन गन्ने का उत्पादन होता है। इसके बावजूद, देश अपने उपयोग का अधिकांश उर्वरक विदेशों से आयात करता है, जिससे उसका कृषि क्षेत्र वैश्विक तनाव और बाजार उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है।

हाल के हफ्तों में ईरान पर इज़राइल और अमेरिका के हमलों के बाद तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई, जिससे ब्राज़ील की विदेशी उर्वरक आयात पर निर्भरता और स्पष्ट हो गई। ब्राज़ील की शोध एजेंसी एम्ब्रापा (Embrapa) के अनुसार, देश हर साल इस्तेमाल होने वाले 4.1 करोड़ टन उर्वरक में से लगभग 85% आयात करता है। वहीं कंसल्टेंसी एग्रइन्वेस्ट (Agrinvest) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ब्राज़ील द्वारा आयातित यूरिया (उर्वरक का प्रमुख घटक) का लगभग 41% यानी करीब 30 लाख टन माल हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर ब्राज़ील पहुंचा।

ज्यूडिसे ने साओ पाउलो राज्य के रिबेराओ प्रेटो में कंसल्टेंसी डेटाग्रो (Datagro) द्वारा आयोजित एक उद्योग कार्यक्रम में कहा, ब्राज़ील अपने लगभग 20% उर्वरक उन देशों से आयात करता है जो अक्सर भू-राजनीतिक समस्याओं में उलझे रहते हैं। अभी ईरान को लेकर गंभीर स्थिति है, लेकिन लगभग हर साल किसी न किसी वजह से समस्या पैदा होती है।उन्होंने बताया कि, इस परियोजना को ग्लोबल फंड फॉर कोरल रीफ्स का समर्थन मिला हुआ है, जिसने अब तक एग्रियन में 2 करोड़ डॉलर का निवेश किया है और इसे बढ़ाकर 5 करोड़ डॉलर तक किया जा सकता है।

एग्रियन अपने उर्वरक उत्पादन के लिए गन्ने के कचरे का उपयोग करती है और इसके लिए वह चीनी और एथेनॉल मिलों के पास ही मिलें स्थापित करती है। फिलहाल कंपनी के ब्राज़ील में तीन मिलें हैं, जिनमें से एक सालाना करीब 40,000 टन उर्वरक का उत्पादन कर रहा है और दो अन्य निर्माणाधीन हैं। कंपनी की योजना 2031 तक 10 मिल स्थापित करने की है। ज्यूडिसे ने कहा, हमारी वर्तमान व्यवसाय योजना के अनुसार, 10 प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जो हर साल लगभग 5 लाख टन उर्वरक का उत्पादन करेंगे। इससे कंपनी को करीब 2 अरब रियाल (लगभग 38.7 करोड़ डॉलर) का वार्षिक राजस्व प्राप्त हो सकता है।

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