साओ पाउलो : मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर ब्राजील के गन्ना उद्योग पर भी पड़ सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि, नए सीजन की शुरुआत के साथ ब्राजील की चीनी मिलें अधिक एथेनॉल और कम चीनी उत्पादन की ओर रुख कर सकती हैं। सोमवार को ICE एक्सचेंज में कच्ची चीनी के वायदा भाव 3% से अधिक बढ़ गए। इसका कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और यह आशंका है कि दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक क्षेत्र ब्राजील के सेंटर-साउथ से बाजार में चीनी की आपूर्ति कम हो सकती है।
ब्राजील की मिलों के पास यह लचीलापन होता है कि, वे बाजार की कीमतों के अनुसार गन्ने से चीनी या एथेनॉल का उत्पादन तय कर सकें।जब एथेनॉल से ज्यादा लाभ मिलता है, तो मिलें गन्ने का बड़ा हिस्सा एथेनॉल बनाने में लगाती हैं और चीनी उत्पादन कम कर देती हैं। फिलहाल एथेनॉल की कीमतें बेहतर हैं और इनके और बढ़ने की संभावना भी है। चीनी उद्योग सलाहकार कंपनी आर्चर कंसल्टिंग के मैनेजिंग पार्टनर अरनाल्डो कोरिया ने कहा, जब जीवाश्म ईंधन महंगा होता है तो एथेनॉल का रिटर्न बेहतर हो जाता है, जिससे मिलें गन्ने का बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ देती हैं।
उन्होंने कहा कि, मौजूदा स्थिति से बाजार में चीनी की उपलब्धता कम हो सकती है और वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि एक अहम पहलू अभी बाकी है। ब्राजील की सरकारी तेल कंपनी पेट्रोब्रास, जो देश में लगभग 80% पेट्रोल की आपूर्ति करती है, ने तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी के बावजूद अभी तक घरेलू पेट्रोल कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है।
ब्राजील के ईंधन आयातकों के संगठन ABICOM के अनुसार, फिलहाल देश में पेट्रोल की कीमतें आयात के बराबर कीमत से लगभग 46% कम हैं। चीनी विश्लेषक माइकल मैकडूगल ने कहा, ऐसा लगता है कि यह स्थिति पेट्रोब्रास को कीमतें बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती है, लेकिन समस्या यह है कि राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा मतदाताओं का समर्थन बनाए रखना चाहते हैं, जबकि चुनाव अक्टूबर में होने वाले हैं। लूला इस वर्ष फिर से चुनाव लड़ेंगे, इसलिए संभव है कि वे ईंधन की कीमतों को नियंत्रण में रखना चाहें।इससे पहले कंसल्टेंसी डेटाग्रो ने अनुमान लगाया था कि, नए सीजन में ब्राजील की मिलें गन्ने का लगभग 48.5% हिस्सा चीनी उत्पादन के लिए इस्तेमाल करेंगी, जबकि पिछले सीजन में यह आंकड़ा 50.7% था।

















