चॉकलेट, वाइन, कारें: EU ट्रेड डील के बाद भारतीयों के लिए क्या क्या सस्ता हो सकता है?

नई दिल्ली : एक बड़े ट्रेड डील या फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से भारत में यूरोपियन एक्सपोर्ट पर लगभग 97 प्रतिशत टैरिफ कम हो जाएंगे, जिससे आगे चलकर भारतीयों के लिए एग्रीकल्चर और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स के कई प्रोडक्ट्स सस्ते हो सकते हैं। भारत-EU ट्रेड एग्रीमेंट के तहत यूरोपियन यूनियन के 96.6 प्रतिशत सामानों के एक्सपोर्ट पर टैरिफ खत्म या कम कर दिए जाएंगे, जिसकी घोषणा सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को की थी।

इससे यूरोपियन प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी में हर साल €4 बिलियन तक की बचत होगी। इस ट्रेड एग्रीमेंट के तहत EU एक्सपोर्ट पर टैरिफ, जिसमें चॉकलेट, वाइन और कारें शामिल हैं, 50 से 150 प्रतिशत से घटकर शून्य से 20 प्रतिशत तक हो जाएंगे। EU ने कहा कि, यह डील “बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों” के समय दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करेगी।

27 सदस्य देशों के इस ब्लॉक ने कहा कि, यह डील टैरिफ और प्रशासनिक बोझ को कम करेगी, जिससे ट्रेडिंग आसान, सस्ती और तेज होगी। ट्रेड डील पर साइन करने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, यह समझौता भारत और यूरोप में लोगों के लिए बड़े अवसर लाएगा। उन्होंने कहा, यह दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है, यह समझौता वैश्विक GDP का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का 1/3 हिस्सा है। EU कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने “मदर ऑफ़ आल डील” पर साइन करने की सराहना करते हुए कहा कि, आज इतिहास रचा गया है।

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