मुंबई : इंडियन कोऑपरेटिव की रिपोर्ट के मुताबिक, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव असेंबली को बताया कि नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NCDC) के अधिकारियों ने 30 कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया और 4 सितंबर और 8 अक्टूबर, 2025 को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी। निष्कर्षों के अनुसार, 21 फैक्ट्रियों में लोन के इस्तेमाल की शर्तों का गंभीर उल्लंघन पाया गया, जबकि तीन में मामूली उल्लंघन और छह में मामूली बदलाव दिखे।
इन रिपोर्टों के आधार पर, राज्य सरकार ने 6 जनवरी, 2026 को एक सरकारी प्रस्ताव जारी किया, जिसमें शुगर कमिश्नर, महाराष्ट्र राज्य, पुणे की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई। पैनल को यह जांचने का काम सौंपा गया है कि लोन का इस्तेमाल कैसे किया गया और सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं।
मंत्री पाटील ने कहा कि, कमेटी पहले ही दौरे कर चुकी है और जरूरी जानकारी इकट्ठा कर चुकी है। इसकी रिपोर्ट का इंतज़ार है, और अगर ज़रूरत पड़ी तो आगे की कार्रवाई, नतीजे जमा होने के बाद तय की जाएगी।


















