भुवनेश्वर : ओडिशा के बरगढ़ में स्थापित भारत की पहली सेकेंड-जनरेशन (2G) इथेनॉल बायो-रिफाइनरी में वाणिज्यिक उत्पादन जल्द शुरू होने की संभावना नहीं है। केंद्र सरकार ने बताया है कि अत्याधुनिक इस परियोजना को शुरू करने में तकनीकी और संचालन से जुड़ी कई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
बिजनेस स्टैण्डर्ड में प्रकाशित खबर के मुताबिक,पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान आई बाधाओं और विशेष तकनीकी आपूर्तिकर्ताओं की सीमित उपलब्धता जैसे कारणों से परियोजना प्रभावित हुई है।
यह एकीकृत इथेनॉल बायो-रिफाइनरी परियोजना भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा ओडिशा के बरगढ़ में प्रधानमंत्री जी-वन योजना के तहत स्थापित की जा रही है। 2018 में घोषित इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत कर सहित 1,775 करोड़ रुपये है।


















