सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) : जिले की सरसावा कॉपरेटिव चीनी मिल आज (20 फरवरी) देर रात तक बंद हो जाएगी।गन्ना उत्पादन घटने से सरसावा चीनी मिल हफ्तों से गन्ने की कमी का सामना कर रही थी। मिल के सामने ‘नो केन’ का संकट खड़ा था। पर्याप्त आपूर्ति न मिलने के चलते मिल प्रबंधन ने पेराई सत्र खत्म करने का फैसला लिया है।
चीनी मिल ने इस बार 9 नवंबर को पेराई सत्र की शुरुआत की थी। मिल ने करीब 24.51 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर औसतन 9.74 प्रतिशत रिकवरी के साथ करीब 2.38 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया।9 जनवरी तक किसानों को करीब 63 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शेष बकाया भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया गया है। चीनी मिल के सीए सौरभ बंसल ने कहा कि, बरसात में क्षेत्र में जलभराव आदि से गन्ने का उत्पादन व आपूर्ति प्रभावित हुई है।
मार्च माह में ही जिले की सभी चीनी मिलें बंद हो जाएंगी। गन्ना विभाग और चीनी मिलों द्वारा दिए गए बंदी कार्यक्रम के अनुसार, इस साल दया शुगर मिल गागलहेड़ी 2 मार्च तक, जबकि गांगनौली बजाज मिल 8 मार्च को सत्र समाप्त करेगी। नानौता कॉपरेटिव मिल 15 मार्च तक चलेगी और त्रिवेणी देवबंद मिल चौथे सप्ताह 25 मार्च तक चलने की संभावना है। इसके अलावा अधिकांश अन्य मिलें मार्च के दूसरे सप्ताह तक बंद हो जाएंगी। उत्तम शेरमऊ तथा वेव बिड़वी मिलों ने 12 मार्च को बंदी की तारीख तय की है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार के अनुसार, ये मिल बंदी की संभावित तिथियां है।


















