बिजनौर (उत्तर प्रदेश) : मिल क्षेत्र में पर्याप्त गन्ने के अभाव के चलते किसान सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता को बढ़ाकर 5000 टी.सी.डी. करने की मांग ठंडे बस्ते में चली गई है। हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक ने पत्र के माध्यम से जानकारी दी कि मिल विस्तारीकरण प्रस्ताव अवसान कर दिया गया है। किसान सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता को बढ़ाकर 5000 टी.सी.डी. करने की मांग को लेकर आदर्श नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने पत्र लिखा था। उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक कुमार विनीत ने आरटीआई कार्यकर्ता को भेजे एक पत्र में कहा कि चीनी मिल का क्षमता विस्तार 5000 टी.सी. डी. करने की दशा में क्षमता अनुरूप गन्ना उपलब्धता होने में संशय की स्थिति है।
एक पेराई सत्र में लगभग 90 लाख क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होगी, लेकिन मिल क्षेत्र में इतना गन्ना मिलने की संभावना नहीं है। किसान सहकारी चीनी मिल स्नेहरोड की पेराई क्षमता वर्तमान 3000 टी.सी.डी एवं 40 किलोलीटर प्रतिदिन एथेनॉल उत्पादन क्षमता की आसवनी स्थापित है। पूर्व स्थापित आसवनी के अतिरिक्त 60 किलो लीटर प्रतिदिन एथनाल उत्पादन क्षमता की आसवनी तथा 100 टी.पी.डी. क्षमता का बायो-सी.एन.जी. प्लांट की स्थापना हेतु परियोजना का प्रस्ताव शासन के माध्यम से पी.आई.बी. को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया था जिसके क्रम में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में हुई पी.आई.बी. बैठक में स्नेह रोड परियोजना पर पुनः विचार कर प्रस्तुत किये जाने का मत स्थिर किया गया था। प्रस्तावित परियोजना की लाभप्रदता प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने की संभावनाओं के दृष्टिगत उक्त प्रस्ताव/वस्तुस्थिति से शासन के माध्यम से मा. मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए मिल विस्तारीकरण प्रस्ताव का अवसान कर दिया गया है।

















