कोल्हापुर : फरवरी 2026 में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 20 प्रतिशत पर स्थिर रही। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) को 88.5 करोड़ लीटर एथेनॉल प्राप्त हुआ। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में करीब 88 करोड़ लीटर एथेनॉल पेट्रोल में मिलाया गया। चालू एथेनॉल सप्लाई वर्ष (ईएसवाई) 2025–26 में नवंबर 2025 में ब्लेंडिंग 20 प्रतिशत तक पहुंच गई थी और तब से यह स्तर लगातार बना हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (PSUs) के पास 77.8 करोड़ लीटर एथेनॉल का भंडार मौजूद था। नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच ओएमसी को कुल 327.5 करोड़ लीटर एथेनॉल मिला, जबकि इसी अवधि में कुल ब्लेंडिंग लगभग 353.7 करोड़ लीटर रही। तुलनात्मक रूप से, ईएसवाई 2024–25 में ओएमसी ने 1,022.4 करोड़ लीटर एथेनॉल की ब्लेंडिंग की थी, जिससे औसत 19.2 प्रतिशत ब्लेंडिंग हासिल हुई थी।
ईएसवाई 2025–26 (चक्र-1) के लिए देशभर के निर्माताओं द्वारा 1,776 करोड़ लीटर एथेनॉल की पेशकश के मुकाबले ओएमसी ने लगभग 1,048 करोड़ लीटर आवंटित किया है। इससे पहले 1,050 करोड़ लीटर की आपूर्ति के लिए निविदाएं जारी की गई थीं। कच्चे माल (फीडस्टॉक) के लिहाज से मक्का का सबसे बड़ा योगदान है, जिसकी हिस्सेदारी 45.68 प्रतिशत (करीब 478.9 करोड़ लीटर) है।
इसके बाद एफसीआई चावल 22.25 प्रतिशत (लगभग 233.3 करोड़ लीटर), गन्ना रस 15.82 प्रतिशत (करीब 165.9 करोड़ लीटर), बी-हेवी शीरा 10.54 प्रतिशत (लगभग 110.5 करोड़ लीटर), खराब खाद्यान्न 4.54 प्रतिशत (करीब 47.6 करोड़ लीटर) और सी-हेवी शीरा 1.16 प्रतिशत (लगभग 12.2 करोड़ लीटर) का योगदान है।
एथेनॉल ब्लेंडिंग में लगातार वृद्धि से आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है और देश को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल रही है। अब जब एथेनॉल उत्पादन क्षमता इस कार्यक्रम की जरूरत से अधिक हो गई है, तो उद्योग से जुड़े लोग 20 प्रतिशत से अधिक ब्लेंडिंग बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि अतिरिक्त क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सके।


















