सांगे: गोवा राज्य का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए सरकार ने संजीवनी शुगर फैक्ट्री को “संजीवनी” देने की घोषणा की है। सरकार की इस घोषणा से किसानों को कुछ हद तक राहत मिली है। आपको बता दे की, गोवा की एकमात्र चीनी मिल बंद होने के बाद किसान अन्य फसलों की ओर मुड़ गए थे। मिल बंद होने के बाद सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों को अनुदान भी दिया था। राज्य की एकमात्र शुगर फैक्ट्री बंद होने के कारण गन्ना उत्पादक किसान दूसरी फसलों की खेती करने लगे थे। किसान लगातार मांग कर रहे थे कि, चीनी मिल को फिर से शुरू किया जाए।
समाचार पत्र गोमंतक में प्रकाशित खबर के अनुसार, केवल मिल की मरम्मत का काम शुरू कर देने से यह मान लेना सही नहीं होगा कि फैक्ट्री जल्द चालू हो जाएगी। इसका कारण यह है कि किसानों को गन्ने की खेती करने के लिए गन्ना खरीद की गारंटी चाहिए होती है। इसके लिए यदि कृषि विभाग गारंटी देता है, तभी बैंक और वित्तीय संस्थान किसानों को कर्ज उपलब्ध कराते हैं। जब तक सरकार लिखित रूप में ऐसी गारंटी नहीं देती, तब तक कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था कर्ज देने का जोखिम नहीं उठाएगी।


















